आगमी एक अप्रैल से देश के तीन प्रमुख सरकारी बैंकों का विलय होने जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक मिल जाएंगे। हालांकि इस विलय से फिलहाल देना और विजया बैंक के बचत खाताधारकों पर किसी तरह का असर फिलहाल नहीं पड़ेगा। इन बैंकों ने अपने ग्राहकों के लिए एक सलाह भी जारी की है।
फिलहाल नहीं होगा परिवर्तन
बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक ने कहा है कि बचत खाता धारक पहले की तरह अपने बैंक खाते, पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का अगले आदेश तक प्रयोग कर सकेंगे। इससे लोगों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
धोखाधड़ी से बचने की दी सलाह
बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वो इस दौरान किसी भी तरह की संभावित धोखाधड़ी से बचे रहें। ऐसा इसलिए क्योंकि कई लोग बैंक का कर्मचारी बनकर ग्राहकों से उनके खाते, डेबिट कार्ड, इंटरनेट यूजर आईडी, पासवर्ड, आधार, पैन नंबर और ओटीपी की जानकारी फोन, ई-मेल, एसएमएस और व्हाट्सऐप के जरिए मांग सकते हैं। बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि वो ऐसी किसी भी जानकारी को शेयर न करें।
चलती रहेगी इलेक्ट्रोनिक क्लियरिंग
बैंकों ने कहा है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए अगले आदेश तक इलेक्ट्रोनिक क्लियरिंग होती रहेगी। इससे उन खाताधारकों को सुविधा होगी जिनकी हर महीने ईएमआई, बीमा प्रीमियम और म्यूचुअल फंड की एसआईपी फिलहाल अपने आप कटती रहेगी। जिन ग्राहकों के डेबिट कार्ड पर रिवार्ड प्वाइंट हैं वो इनको 30 अप्रैल तक रिडिम करा सकेंगे।