अप्रैल 2019 से मिलने वाले खुदरा/सूक्ष्म, लघु और मंझोले उद्योगों (एमएसएसई) के फ्लोटिंग रेट लोन के लिए आरबीआइ द्वारा समान मानदंड सुनिश्चित करने के दिशानिर्देश लागू करने की उम्मीद है। अभी तक हमने जो समझा है वह यह है कि दरों को आरबीआइ द्वारा निर्धारित एक बाहरी मानदंड के साथ सम्बद्ध करने की ज़रुरत है, और मानक दर (बैंक द्वारा जैसा निर्णय हो) ऋण की पूरी अवधि में अपरिवर्तित रहनी चाहिए, जब तक कि ऋणी के क्रेडिट मूल्यांकन में ठोस बदलाव नहीं हो जाता।
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) का संकट
एएए-रेटेड कंपनी, आइएलएंडएफएस की अल्पकालिक देनदारियों में चूक के कारण सभी एनबीएफसी में भरोसे का संकट पैदा हो गया। फलस्वरूप विभिन्न म्यूच्यूअल फंड और बैंक एनबीएफसी के लिए कमर्शियल पेपर (वाणिज्यिक विपत्र) के नवीकरण से हाथ खींचने लगे, जिससे इस क्षेत्र के लिए लिक्विडिटी की कमी हो गयी।
अच्छी वित्तीय स्थिति वाले ग्राहकों को ऋण देने वाले स्रोत उपलब्ध होते रहेंगे। उच्चतर जोखिम प्रोफाइल, अनियमित नगदी आमद, आदि वाले ग्राहकों को फण्ड प्राप्त करने में थोड़ी कठिनाई झेलनी पड़ सकती है क्योंकि यह बाज़ार काफी हद तक एनबीएफसी द्वारा पोषित है।
यूपीआई 2.0
अगस्त 2016 में आरम्भ होने के बाद से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यूपीआई) में जबरदस्त वृद्धि देखी गयी है, जैसा कि 128 बैंक यूपीआई पर आश्रित हैं और नवम्बर 2018 में इसके माध्यम से 525 मिलियन ट्रांजेक्शन निष्पादित किये गए।
यूपीआई ट्रांजेक्शन के मासिक परिमाण में इस वर्ष अप्रैल से सितम्बर तक 114 प्रतिशत की वृद्धि हुयी है, जबकि ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) ट्रांजेक्शन में उसी अवधि के दौरान 5 प्रतिशत वृद्धि हुयी। यह अल्प नगदी अर्थव्यवस्था की दिशा में एक संकेत है जो सुविधाजनक भुगतान विधियों द्वारा प्रेरित है।
यूपीआई 2.0 एक आकर्षक नया अवतार है जिसने अनेक विशेषताओं को लागू किया है और कर रहा है, जिनसे ग्राहकों और व्यवसायों के सुखद अनुभव में वृद्धि होगी। पर्सन टू पर्सन (पी2पी) भुगतान ट्रांजेक्शन में आसानी के बाद इन नई विशेषताओं से पर्सन टू मर्चेंट (पी2एम) और उधार संबंधित ट्रांजेक्शन का अनुभव बेहतर होगा। आगे, एनपीसीआइ ने भी अपने नए रिलीज़ में आशय और क्विक रिस्पांस (क्यूआर) कोड आधारित ट्रांजेक्शंस में डिजिटल सिग्नेचर अंतस्थापित करके सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है।
वित्तीय संस्थान पूरे उत्साह के साथ डिजिटलीकरण पर लगातार फोकस कर रहे हैं। भुगतान के क्षेत्र में सार्थक डिजिटलीकरण के बाद इस वर्ष हम लोन देने में नवाचार देख रहे हैं। थर्ड पार्टी पोर्टल के माध्यम से तत्काल लोन की सुविधा नई पेशकशों में से एक है, और इसमें तेजी आ रही है।
ऑनलाइन और तत्काल बैंक खाता खोलने में भी काफी बढ़ोतरी हुयी है, विशेषकर नवयुवकों के बीच इस उत्पाद का अधिक आकर्षण है। एक और प्रमुख ट्रेंड है, ग्राहक संवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/बॉट्स आदि का प्रयोग और आतंरिक प्रक्रियाओं का ऑटोमेशन।
उद्योग पर असर
डिजिटलीकरण के फलस्वरूप लागतों में कमी आ रही है। इससे वित्तीय संस्थानों को व्यापक ग्राहकों तक पहुँचने का सामर्थ्य प्राप्त हुआ है। कुल मिलाकर, इससे व्यवसाय की टॉप लाइन और बॉटमलाइम के सुधार में मदद मिलेगी।
ग्राहक पर असर
तेज डिजिटलीकरण ग्राहक की प्राथमिकता से उतना ही प्रेरित है जितना कि नवाचारों और तकनीकी उन्नति से। ग्राहक अपने वित्त के प्रबंधन के लिए संघर्षरहित, तत्काल प्रक्रियाओं और परेशानीरहित तरीकों की उम्मीद कर सकते हैं।
राजीव आनंद, कार्यकारी निदेशक, ऐक्सिस बैंक