यस बैंक ने कहा, सही समय पर हम स्थिति स्पष्ट करेंगे, लेकिन बैंक को अभी तक आरबीआई या किसी अन्य सरकारी या विनियामकीय प्राधिकरण या एसबीआई से इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। यस बैंक ने शेयर बाजारों में दी फाइलिंग में कहा, ‘हमें ऐसे किसी फैसले के बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए हम इस खबर पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है।’
हालांकि यस बैंक ने कहा कि सामान्य तौर पर बैंक अपनी कारोबारी जरूरतों या नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के वास्ते विभिन्न निवेशकों को प्रतिभूतियां जारी करके पूंजी जुटाने के विकल्प तलाशती रही है। बैंक ने यह भी कहा कि सेबी के नियमों के तहत वह शेयर बाजार में डिसक्लोजर जारी करेगी। वहीं, शेयर बाजारों ने ऐसी खबरों पर संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा है।
अगस्त, 2018 से बनी हुई हैं बैंक की मुश्किलें
यस बैंक अगस्त, 2018 से ही उतार-चढ़ाव भरे दौर से गुजर रही है, जब रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गवर्नेंस और कर्ज देने के तौर-तरीकों को लेकर चिंताओं के बीच बैंक के तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर को 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने के लिए कह दिया था। उनके उत्तराधिकारी रवनीत गिल की अगुवाई में बैंक ने बड़ी मात्रा में फंसी संपत्तियों का खुलासा किया था।
यस बैंक ने चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में 2 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई थी। बाद में उसके बोर्ड ने कनाडा के निवेशक एसपीजीपी ग्रुप/अर्विन सिंग ब्रैश द्वारा बैंक में 1.2 अरब डॉलर के निवेश के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
यस बैंक में किसकी कितनी है हिस्सेदारी