रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने कहा कि पुराने नोटों की जांच के लिए सेंट्रल बैंक में 59 करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग मशीन लगा रखी हैं। इसके अलावा 8 मशीने अन्य बैंकों में लगी हैं। इनके अलावा 7 मशीनों को आरबीआई ने किराये पर ले रखी हैं।
वापस आ गए 99 फीसदी नोट
आरबीआई ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के बाद 1000 रुपए के 8.9 करोड़ नोट वापस नहीं आए। इस दौरान कुल 99 फीसदी नोट वापस आ गये थे। इसका मतलब साफ है कि नोटबंदी के बाद सिस्टम का लगभग सारा पैसा बैंकों में वापस आ गया।
वहीं नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई पर हुए खर्च के बारे में बताया कि इन्हें छापने में अब तक सरकार के 7,965 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। आरबीआई ने कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी।