नोटबंदी के बाद नकदी की कमी से गरीबों और वंचित किसानों की तकलीफों को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 40 फीसदी नोटों की आपूर्ति करें। नोटबंदी के बाद 50 दिन की कवायद 30 दिसंबर को पूरी हो गई लेकिन कई जगहों पर नकदी आपूर्ति की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है।
इसके चलते सरकार ने प्रति सप्ताह 24000 निकासी की सीमा को खत्म नहीं किया है। आरबीआई ने एक अधिसूचना में कहा, यह पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक नोटों की आपूर्ति स्थानीय जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है।
इसमें कहा गया है कि बैंकों को अपने करेंसी चेस्ट को यह सलाह देनी चाहिए कि वह प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों, वाइट लेबल एटीएम और डाकघरों को नए नोट जारी करने के लिए कदम उठाएं। ये सभी माध्यम ग्रामीण क्षेत्र में नकदी वितरण का प्रमुख चैनल है।