ब्रोकरेज कंपनियों को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) दिसंबर में एक बार फिर रेपो रेट में कटौती कर सकता है। गोल्डमैन सैश ने एक रिपोर्ट में कहा है कि आरबीआई दिसंबर में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में रेपो रेट कम कर सकता है। दिसंबर में रेपो रेट में चौथाई फीसदी यानी 0.25 की कमी का अनुमान जताया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो रेपो दर 4.90 फीसदी पर आ जाएगी।
बता दें कि शुक्रवार को अर्थव्यवस्था को गति देने के प्रयासों के क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर में लगातार पांचवीं बार कमी की थी। आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा बैठक में रेपो दर 25 आधार अंक घटाकर 5.15 फीसदी कर दिया था, जिससे इस साल रेपो दर में कुल कटौती 135 आधार अंक पहुंच गई है। पहले ये दर 5.40 फीसदी थी। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम हुआ है। रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी कर दिया गया है और बैंक रेट 5.40 फीसदी हो गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 7.2 फीसदी कर दिया है।
बता दें कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास पहले ही संकेत दे चुके थे कि महंगाई में नरमी के मद्देनजर मौद्रिक नीति को लचीला बनाने की अभी गुंजाइश है। इससे पहले सरकार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पांच फीसदी के साथ छह साल के निचले स्तर पर पहुंची आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए कॉर्पोरेट कर में भारी कमी, एफपीआई पर लगाए गए उपकर को वापस लेने सहित कई कदम उठा चुकी है।