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500, हजार के पुराने नोटों से RBI बना रहा है ईंटे, नष्ट करने के लिए लगाई स्पेशल मशीन

Mon, 19 Mar 2018 11:11 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रिजर्व बैंक ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में वापस आए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की गिनती और असली की पहचान करने के बाद उन्हें नष्ट कर इस रद्दी से ईंटें बनाई जाएंगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया के द्वारा उनका निपटान किया जाएगा। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 30 जून, 2017 तक 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट आरबीआई के पास पहुंच चुके थे। 

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एक आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा है कि पुराने नोट को देश भर के आरबीआई कार्यालयों में लगे बेकार नोट को नष्ट करने और उनकी ईंट बनाने वाले सिस्टम के जरिये इन्हें फाड़ कर ईंटें बनाने की प्रक्रिया चल रही है।

आरबीई ऐसे प्रसंस्कृत नोट को रीसाइकिल नहीं करता है। इससे पहले करेंसी सत्यापन मशीन से इनके असली होने की जांच की गई। पुरानी करेंसी की जांच के लिए आरबीआई की विभिन्न शाखाओं में कम से कम 59 मशीनों को लगाया गया है। बताया जाता है कि रद्दी नोट से बनी ईटों का इस्तेमाल आग सुलगाने के लिए किया जाता है।

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67 मशीनों से हुई जांच

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने कहा कि पुराने नोटों की जांच के लिए सेंट्रल बैंक में 59 करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग मशीन लगा रखी हैं। इसके अलावा 8 मशीने अन्य बैंकों में लगी हैं। इनके अलावा 7 मशीनों को आरबीआई ने किराये पर ले रखी हैं।  

वापस आ गए 99 फीसदी नोट
आरबीआई ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि नोटबंदी के बाद 1000 रुपए के 8.9 करोड़ नोट वापस नहीं आए। इस दौरान कुल 99 फीसदी नोट वापस आ गये थे।  इसका मतलब साफ है कि नोटबंदी के बाद सिस्टम का लगभग सारा पैसा बैंकों में वापस आ गया।

वहीं नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई पर हुए खर्च के बारे में बताया कि इन्हें छापने में अब तक सरकार के 7,965 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। आरबीआई ने कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी। 
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