रिजर्व बैंक ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान बैंकों में वापस आए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट की गिनती और असली की पहचान करने के बाद उन्हें नष्ट कर इस रद्दी से ईंटें बनाई जाएंगी। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया के द्वारा उनका निपटान किया जाएगा। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद 30 जून, 2017 तक 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट आरबीआई के पास पहुंच चुके थे।
एक आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा है कि पुराने नोट को देश भर के आरबीआई कार्यालयों में लगे बेकार नोट को नष्ट करने और उनकी ईंट बनाने वाले सिस्टम के जरिये इन्हें फाड़ कर ईंटें बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
आरबीई ऐसे प्रसंस्कृत नोट को रीसाइकिल नहीं करता है। इससे पहले करेंसी सत्यापन मशीन से इनके असली होने की जांच की गई। पुरानी करेंसी की जांच के लिए आरबीआई की विभिन्न शाखाओं में कम से कम 59 मशीनों को लगाया गया है। बताया जाता है कि रद्दी नोट से बनी ईटों का इस्तेमाल आग सुलगाने के लिए किया जाता है।