रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि घोटाले से जूझ रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक (पीएमसी) की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मामले का फॉरेंसिक ऑडिट किया जा रहा है। पीएमसी बैंक देश के 10 प्रमुख शहरी सहकारी बैंकों में शामिल है।
दरअसल, फंसे कर्ज की जानकारी होने के बाद आरबीआई ने 23 सितंबर को पीएमसी बैंक पर निकासी सहित कई पाबंदियां लगा दी थीं। वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंक से जुड़े मामले की ऑडिट चल रही है, जल्द ही अनियमितता का खुलासा होने की उम्मीद है।
इससे पहले बैंक में 4,335 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई थी। कड़े प्रतिबंधों के बाद रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैंक के ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए खाते से 50,000 रुपये निकालने की छूट दे दी है। आरबीआई ने चौथी बार बैंक से धन निकासी सीमा को बढ़ाया है।
वित्त मंत्री गवर्नर के साथ की आर्थिक समीक्षा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास व अन्य अधिकारियों के साथ आर्थिक स्थितियों की समीक्षा बैठक की। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद की 21वीं बैठक के दौरान वित्तीय क्षेत्र में जारी संकट पर चर्चा की गई।
इस दौरान गिरती विकास दर और सूक्ष्मआर्थिक आंकड़ों की स्थितियों पर भी मंथन हुआ। बैठक के बाद गवर्नर ने कहा कि कुछ अंतर नियामकीय मुद्दे हैं जिन पर बातचीत हुई है। साइबर सुरक्षा को लेकर भी मंथन किया गया है। उन्होंने कहा कि एनबीएफसी की मौजूदा स्थितियों पर चर्चा की गई है। देश में अभी कई एनबीएफसी हैं जो बेहतर वित्तीय स्थिति में हैं और उन्हें विदेश सहित बैंकों से भी फंडिंग मिल रही है।