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IRDAI ने दिया अनिल अंबानी को झटका, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने पर लगाई रोक

Thu, 07 Nov 2019 07:45 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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अनिल अंबानी
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भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने रिलायंस हेल्थ इंश्योरेंस कारॅपोरेशन लिमिटेड (आरएचआईसीएल) पर नई पॉलिसी बेचने पर रोक लगा दी है। वह अब सिर्फ अपने पुराने ग्राहकों को ही सेवा देती रहेगी। अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस समूह की कंपनी आरएचआईसीएल वित्तीय संकट से जूझ रही है। 

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इरडा ने एक बयान में कहा कि कंपनी का रिजर्व फंड घटकर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। इस फंड के जरिए पॉलिसी क्लेम करने पर पैसा मिलता है। आरएचआईसीएल का परिचालन अक्तूबर, 2018 में शुरू हुआ था। इस साल बाद स्थिति बिगड़ने लगी और कंपनी रिजर्व फंड में पिछड़ने लगी।

अगस्त अंत में इरडा ने कंपनी को नोटिस जारी कर एक महीने में इस फंड के लिए जरूरी राशि उपलब्ध कराने को कहा। इरडा के बार-बार चेतावनी के बाद भी कंपनी ने रिजर्व कैपिटल के स्तर में सुधार नहीं किया। 

 छोड़ी आईपीओ की योजना

रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम ( IPO ) के जरिये 200 करोड़ रुपये के नए शेयरों की बिक्री करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने प्रस्तावित आईपीओ की योजना को वापस ले लिया है।

सेबी को आठ फरवरी को मिला था आईपीओ का ड्राफ्ट

इसके साथ ही रिलायंस कैपिटल के 79,489,821 शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाने थे। बाजार नियामक सेबी को रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के प्रस्तावित आईपीओ का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉसपेक्टस इस निर्गम के लीड मैनेजर मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के जरिये आठ फरवरी को मिला था। लेकिन अब सेबी के मुताबिक आईपीओ के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट्स लीड मैनेजर मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स द्वारा वापस ले लिए गए हैं। 

दस्तावेज वापस लेने की वजह का नहीं हुआ खुलासा

इसके लिए मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स ने 24 अक्तूबर 2019 को ईमेल किया था। बता दें कि सेबी ने अभी ऑफर के दस्तावेज वापस लेने की वजह का खुलासा नहीं किया है। गौरतलब है कि साल 2017 में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने अपने आईपीओ के दस्तावेजों के साथ सेबी से संपर्क किया था। इसके बाद नवंबर 2017 में सेबी ने इसकी मंजूरी भी दे दी थी। 

अंबानी की कंपनियों पर है इतना कर्ज

व्यापार जगत में एक दशक पहले तक अनिल अंबानी और रिलायंस की तूती बोलती थी। मार्च 2018 में रिलायंस ग्रुप का कुल कर्ज 1.7 लाख करोड़ रुपये था। हाल ही में अनिल अंबानी ने कहा था कि बीते कुछ महीनों में उनके समूह ने 35 हजार करोड़ रुपये की देनदारी को चुकाया है। 

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