एक लाख से अधिक राशि नहीं निकाल सकेंगे खाताधारक
बयान में कहा गया, 'विशेष रूप से सभी बचत या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते से एक लाख रुपये से अधिक की राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी।' हालांकि, आरबीआई ने यह भी कहा है कि इन निर्देशों को इसके बैंकिंग लाइसेंस को रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
प्रतिबंधों के साथ-साथ बैंकिंग का कारोबार चालू रखेगा बैंक
इसने कहा कि आरबीआई की अगली अधिसूचना तक बैंक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। रिजर्व बैंक परिस्थितियों के आधार पर इन निर्देशों में संशोधन करने पर विचार कर सकता है। ये प्रतिबंध छह महीने तक प्रभाव में रहेंगे। छह महीने बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
बीते दिनों आठ सहकारी बैंकों पर लगाया था जुर्माना
इससे पहले सोमवार को आरबीआई ने बताया था उसने आठ सहकारी बैंकों पर नियामकीय अनुपालन में कमियों के लिए जुर्माना लगाया है। इनमें एसोसिएट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सूरत पर चार लाख रुपये का, मोहवीरा कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड मुंबई पर दो लाख का, वसई जनता कोऑपरेटिव बैंक पालघर पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया था।
इसके अलावा, राजकोट पीपल्स कोऑपरेटिव बैंक राजकोट पर एक लाख रुपये का, भद्राद्रि कोऑपरेटिव अर्बन बैंक पर दो लाख रुपये का, जम्मू सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड जम्मू और जोधपुर नागरिक सहकारी बैंक जोधपुर पर प्रत्येक पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। ये सभी जुर्माने नियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित थे।