एचडीएफसी बैंक में तीन दिन नेटबैंकिंग सेवा के बाधित रहने के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक ने एक कमेटी का गठन करके जांच शुरू कर दी है। यह कमेटी उन कारणों का पता लगाएगी, जिसके कारण मोबाइल बैंकिंग एप के साथ ही नेट बैंकिंग सेवा 72 घंटे तक बाधित रही। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम के जैन मौद्रिक समीक्षा नीति जारी करने के बाद पूछे गए एक सवाल पर कहा कि केंद्रीय बैंक को इस बारे में जानकारी है।
सोमवार दो दिसंबर से लेकर के बुधवार चार दिसंबर की दोपहर तक देश के सबसे बड़े निजी बैंक के ग्राहक काफी परेशान रहे थे। इसके चलते लोग महीने की शुरुआत पर सैलरी आने के बाद समय पर अपनी ईएमआई, क्रेडिट कार्ड बिल व अन्य जरूरी भुगतान नहीं कर पाए थे। बैंक ने ग्राहकों को हो रही परेशानी को लेकर के सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी थी।
हालांकि आरबीआई ने कहा कि बुधवार को एचडीएफसी बैंक के सभी ऑनलाइन चैनल्स सही तरीके से कार्य कर रहे थे। पिछले एक साल में यह दूसरी बार है जब बैंक की नेटबैंकिंग और मोबाइल एप ने काम करना बंद कर दिया था। 2018 में भी इसी समय के दौरान बैंक का नया लॉन्च हुआ मोबाइल एप भी ठप हो गया था, जिसके बाद बैंक को फिर से पुराना एप ही प्ले स्टोर पर डालना पड़ा था। बैंक के पास फिलहाल पांच करोड़ से अधिक ग्राहक है, जिसमें से 90 फीसदी मोबाइल से अपने ट्रांजेक्शन करते हैं।