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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI के फंसे कर्ज में आरबीआई ने पाया अंतर

Tue, 10 Dec 2019 03:27 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) और प्रोविजनिंग के आकंड़ों में अंतर पाया है। इसकी जानकारी एसबीआई ने दी। 

ग्रॉस एनपीए में 11,932 करोड़ रुपये का अंतर

बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एसबीआई ने 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष (2018-19) में ग्रॉस एनपीए एक लाख 72 हजार 750 करोड़ रुपये बताया था। हालांकि आरबीआई के अनुसार, यह आंकड़ा एक लाख 84 हजार 682 करोड़ रुपये होना चाहिए। इस तरह ग्रॉस एनपीए में 11,932 करोड़ रुपये का अंतर आ रहा है। नेट एनपीए की रिपोर्टिंग में 11,932 करोड़ रुपये का अंतर मिला है। एसबीआई के अनुसार, यह 65,895 करोड़ रुपये है। लेकिन आरबीआई के मुताबिक, इसे 77,827 करोड़ रुपये होना चाहिए। 

प्रोविजनिंग राशि में 12,036 करोड़ रुपए का फर्क

सिर्फ एनपीए ही नहीं, आरबीआई के मुताबिक एसबीआई की प्रोविजनिंग राशि में भी अंतर है। आरबीआई और एसबीआई के आंकड़ों में 12,036 करोड़ रुपये का फर्क पाया गया है। एसबीआई के मुताबिक इसका आंकड़ा एक लाख छह हजार 856 करोड़ रुपये है, जबकि आरबीआई के मुताबिक यह रकम एक लाख 18 हजार 892 करोड़ रुपये है। 

एसबीआई को हुआ था 862 करोड़ का मुनाफा

वित्त वर्ष 2018-19 में एसबीआई को 862 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। बता दें कि बैंकों को केंद्रीय बैंक की फाइनल रिस्क एसेसमेंट रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे के अंदर एनपीए और प्रोविजनिंग के आंकड़ों में फर्क की जानकारी सार्वजनिक करनी होती है। सोमवार को एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में कटौती कर ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया था। एक साल के एमसीएलआर में 10 बीपीएस की कटौती की गई थी। 

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