इन बैंकों के सीईओ पर गिरी गाज
सूत्रों के अनुसार रिजर्व बैंक ने आईसीआईसीआई की सीईओ
चंदा कोचर, एक्सिस बैंक की
शिखा शर्मा और एचडीएफसी बैंक के
आदित्य पुरी को 31 मार्च, 2017 को खत्म वित्त वर्ष के लिए अभी बोनस जारी करने की अनुमति नहीं दी है।
आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक बोर्ड ने कोचर को 2.2 करोड़ रुपये का बोनस देने की मंजूरी दी है, जबकि शिखा शर्मा को 1.35 करोड़ रुपये और आदित्य पुरी को 2.9 करोड़ रुपये की बोनस राशि का भुगतान किया जाना है। इस बारे में पूछे जाने पर एक्सिस बैंक के प्रवक्ता ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जबकि बाकी दो बैंकों ने ई-मेल और फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
पहली बार ऐसा मामला
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार अपनी तरह का यह पहला मामला है जब रिजर्व बैंक ने बैंकों के सीईओ को बोनस जारी करने में देरी की है। आमतौर पर यह बोनस 31 मार्च को वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ही जारी कर दिया जाता है।
रिलायंस सिक्योरिटीज लिमिटेड के विश्लेषक आशुतोष कुमार मिश्रा ने कहा, ‘बोनस जारी करने में इस तरह की देरी पहले कभी नहीं हुई, लेकिन साथ ही किसी एक साल में बैंकिंग जगत में इतने घपले-घोटाले भी सामने नहीं आए थे।’
एक्सिस बैंक ने छुपाई 5600 करोड़ के लोन की जानकारी
रिजर्व बैंक के ऑडिट के मुताबिक मार्च, 2017 में समाप्त वित्त वर्ष में एक्सिस बैंक ने 5600 करोड़ रुपये के डूबे हुए कर्जों की जानकारी छुपाई है। एचडीएफसी की भी वित्तीय रिपोर्ट में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। आईसीआईसीआई बैंक का कहना है कि उसे डूबते ऋणों के बारे में जानकारी देने की जरूरत ही नहीं है।