2012 से बैंक लोन फ्रॉड के मामलों में काफी उछाल आया है। 2012-13 में जहां यह 63.57 बिलियन डॉलर था, वहीं इस वित्तीय वर्ष में यह करीब 176.34 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। इस डाटा में पीएनबी का महाघोटाला शामिल नहीं है।
2011 से चल रहा था फर्जीवाड़ा
सूत्रों के मुताबिक यह फर्जीवाड़ा 2011 से चल रहा था और इसमें बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता थी। पीएनबी ने एक बयान में कहा है कि मुंबई स्थित उसकी एक ब्रांच में फर्जी तरीके से ट्रांजेक्शन कर कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाया गया।
नीरव मोदी के भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनभाई चोकसी की ओर से किए इन ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों ने विदेश में अन्य भारतीय बैंकों से लोन हासिल कर लिया। चोकसी ज्वेलरी चेन गीतांजलि के मालिक हैं।
मोदी पर 10 दिन पहले ही पीएनबी ने 280 करोड़ रुपये की घोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। इसमें बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सीबीआई इसकी जांच कर रही है। मोदी के अलावा इसमें उसके भाई निशाल, पत्नी और पार्टनर चोकसी को भी आरोपी बनाया गया है।