भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने एटीएम में बदलाव करें ताकि 200 रूपये के नोट लोगों के पास पहुंच सकें।
ईटी की रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि
आरबीआई के आदेश पर अमल के लिए बैंकिंग इंडस्ट्री को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। बैंकों पर यह वित्तीय बोझ ऐसे समय में पड़ेगा जब बैंकों पहले से बैड लोन से जूझ है।
ईटी को एक बैंकर ने कहा है कि, 'आरबीआई ने बैंकों और एटीएम मैन्युफैक्चरर्स से कहा है कि वे जल्द से जल्द
200 रुपये के नोट के लिए एटीएम में बदलाव करें। यह एक अच्छा कदम है क्योंकि हमें 2000 रुपये के बड़े नोट के साथ ही 200 रुपये के छोटे नोट की जरूरत है। इस आदेश को पूरी तरह से लागू करने में 5-6 महीनों का समय लग सकता है।'
मोदी सरकार ने साल 2016 में हुई नोटबंदी में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट को यह कहकर वापस लिया था कि इससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी। हालांकि अब बड़ी संख्या में 2000 रुपये के नोट का इस्तेमाल हो रहा है। लोग इसकी काफी आचोलना कर रहे हैं, जिसके बाद रिजर्व बैंक ने यह कदम उठाया है।