राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हाल ही सेवानिवृत्त हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की शनिवार को जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजन ने बैंकों की 100 अरब डॉलर से अधिक राशि बचाई है।
साथ ही उन्होंने माना कि डूबे कर्ज की बढ़ती राशि (एनपीए) देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी स्थिति नहीं है। करूर वैश्य बैंक के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा, ‘आपने कई बार बैंकिंग प्रणाली के एनपीए के बारे में सुना होगा और निश्चित रूप से यह एक चिंता का विषय है।
हाल ही सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय बैंक के गवर्नर राजन ने बैंकिंग प्रणाली को सही दिशा में बढ़ाने के लिए कई उपयुक्त कदम उठाए हैं।’ एनपीए पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी संपत्तियों को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए वितरित कर देना चाहिए।
राजन ने बैंकों को डूबे कर्ज की वास्तविक स्थिति बताने के लिए बैंकों पर दबाव बनाया था। छह महीने की पड़ताल के बाद ही बैंकों ने एनपीए में वृद्धि और जबर्दस्त नुकसान की रिपोर्ट दी थी।