दस दिनों बैंकों के बाहर लगी कतारें शनिवार को काफी छोटी नजर आईं। शनिवार को बैंकों ने सिर्फ अपनी शाखा के खाताधारकों और उन बुजुर्गों का जिनका कहीं भी खाता हो, सिर्फ उनके ही नोट बदलने का काम किया। नोट बदलवाने के अलावा भी रुपये जमा कराने सहित अन्य कामों के लिए लोग बैंक पहुंचे थे।
इनका बिना किसी भीड़ के अधिकतम 30 मिनट के इंतजार में काम हो गया। बुजुर्गों को तुरंत बैंक के अंदर प्रवेश मिल रहा था। बस बड़ी बैंक ब्रांच पर जरूर थोड़ी कतार दिखी। मगर वह इससे खुश दिखे। दिल्ली के गोल मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा में आई बुजुर्ग महिला मनी देवी ने बताया कि वह आई तो भीड़ नहीं थी। रोज लंबी लाइनें होती थी। मगर आज बिल्कुल भीड़ नहीं है। आराम से बैठी हूं। बैंकवालों ने बोला है अभी थोड़ी देर में काम हो जाएगा।
मैं नोट बदली करने के लिए आई हूं। पंजाब नेशनल बैंक में आए बुजुर्ग नरेंद्र सिंह ने कहा कि मेरा पूरा काम महज 20 मिनट में हो गया। इससे पहले मैं एक दिन आया था लेकिन भीड़ देखकर वापस जाना पड़ा था। प्रीत विहार स्थित आईसीआईसीआई बैंक बड़ी ब्रांच में से एक है। शायद यही वजह थी कि यहां लोगों की लंबी कतार थी।
बुजुर्गों की लाइन तो थी ही नहीं। जो आए थे वह भी अंदर ब्रांच में बैठे थे। यहां कतार में खड़े निमेष ने बताया कि मै तीसरी बार आया हूं। पहले दो बार भीड़ देखकर वापस जा चुका हूं। उन्होंने कहा कि आज तो पहले की भीड़ के मुकाबले कुछ नहीं है। 20 से 30 मिनट में लोगों का काम हो रहा है।