तीन सरकारी बैंकों पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के विलय के बाद बनने वाले बैंक को नया नाम मिल सकता है। साथ ही उसको नया लोगो भी मिल सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि बैंक के नए लोगो के लिए एक बाहरी विशेषज्ञ को भी जोड़ा जा सकता है।
तीनों बैंकों के प्रस्तावित विलय के 1 अप्रैल, 2020 से लागू होने का अनुमान है और इससे 18 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के साथ एसबीआई के बाद दूसरा बड़ा बैंक सामने आएगा। यूबीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘सभी पक्षों के सुझावों पर विचार करके विलय के बाद बनने वाले बैंक के नए नाम और लोगो पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि नए लोगो पर फैसला लेने के लिए एक बाहरी विशेषज्ञ को भी जोड़ा जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि नए ऋणदाता की पहचान के लिए लोगों ‘खासा महत्वपूर्ण’ है।
उन्होंने कहा, ‘तीनों बैंकों के प्रबंध निदेश और कार्यकारी निदेशक अगले हफ्ते बैठक करेंगे। नाम और लोगो का मसला एजेंडे में सबसे ऊपर है।’ यूबीआई के अधिकारी ने कहा कि नई इकाई के प्रशासनिक ढांचे को अंतिम रूप देना खासा अहम है, क्योंकि तीनों बैंकों की व्यवस्था अलग-अलग है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के प्रदर्शन के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘नतीजे अच्छे रहने चाहिए। वर्तमान में इनकी लेखा परीक्षा चल रही है।’
अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित विलय के संदर्भ में प्रणाली और प्रक्रियाओं को मिलाने के लिए बैंकों के कार्यकारी अधिकारियों की भागीदारी वाली 34 कार्यकारी समितियां बनाई गई हैं।