पंजाब बैंक के डिफॉल्टर होने से बचाने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। जानकारों के मुताबिक अगर सरकार और रिजर्व बैंक द्वारा इस मामलें में जल्द हस्तक्षेप कर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बैकिंग इतिहास में यह पहला मामला होगा जब कोई एक बैंक देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक को डिफॉल्टर की सूची में डालेगा।
नीरव मामले में सभी विकल्पों पर चर्चा
126 अरब के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड की नीलामी प्रक्रिया में पीएनबी भी हिस्सा ले सकती है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि वसूली के लिए बैंक सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है और इसमें फायरस्टार की दिवालिया प्रक्रिया में हिस्सा लेना भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, बैंक इस मामले को आगे ले जाने के लिए कानूनी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की तैयारी कर रहा है। हालांकि पीएनबी ने इस मुद्दे पर अभी टिप्पणी करने से इनकार किया है। पिछले महीने फायरस्टार डायमंड ने एक अमेरिकी अदालत में नीलामी के लिए अर्जी दायर की है।