कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और प्रोमोटरों को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए सीबीआई ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। कनिष्क गोल्ड के ऊपर विभिन्न बैंकों के करीब 824 करोड़ रुपये का कर्ज है। सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की अगुआई वाले 14 बैंकों के समूह की तरफ से इस कर्ज घोटाले में एफआईआर दर्ज करते हुए बुधवार को ही जांच शुरू कर दी थी।
एक अधिकारी के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में कनिष्क गोल्ड के प्रमोटर निदेशक भूपेश कुमार जैन, निदेशक नीता जैन, तेजराज अच्छा, अजय कुमार जैन, सुमित केडिया समेत कई अज्ञात सरकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया है।
वर्ष 2008 में आईसीसीआईसीआई से कनिष्क गोल्ड के कर्ज का अधिग्रहण करने वाले एसबीआई की तरफ से दी गई शिकायत में इसके बिजनेस मॉडल ही बदल देने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में है कि कंपनी 2014 तक ‘क्रिज्ज’ ब्रांड नेम से वितरकों के जरिए जेवरातों का निर्माण कर बेचती थी, लेकिन 2015 से उसने बी2बी मॉडल अपनाते हुए बड़े रिटेल ज्वैलरों को जेवरात सप्लाई करने शुरू कर दिए थे।