पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व एमडी जॉय थॉमस ने शनिवार को कहा कि बैंक में किसी तरह का कोई घोटाला नहीं हुआ है और ग्राहकों को जल्द ही एक लाख रुपये निकालने की सुविधा मिल जाएगी। पत्रकारों से वार्ता करते हुए थॉमस ने कहा कि आरबीआई को बैंक की वित्तीय स्थिति को पहले समझना चाहिए था। केंद्रीय बैंक के फैसले से छोटे और बड़े दोनों तरह के ग्राहकों को नुकसान हुआ है।
थॉमस ने दावा किया कि पैसे निकालने की लिमिट को बढ़ाने के लिए आरबीआई जल्द फैसला लेगा। केंद्रीय बैंक ने एक हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर के 10 हजार रुपये कर दिया था। थॉमस ने कहा कि आरबीआई को आदेश देकर के बैंक के खातों की जांच करनी चाहिए।
थॉमस ने आगे कहा कि आरबीआई ने बहुत ही कड़ा कदम उठाया है। हालांकि बैंक के पास पूंजी की तरलता है। हमारा सीआरआर भी अच्छा है। इसके अलावा बैंक ने जो लोन दिया हुआ है उसके बदले में काफी संपत्ति सुरक्षित गारंटी के तौर पर जमा है।
पीएमसी बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बंदिश लगाने की पूरी सच्चाई सामने आ चुकी है। जिस रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल पर 2500 करोड़ रुपये का लोन था, उसके मालिक को ही बैंक अलग से 96.5 करोड़ रुपये का लोन दिया था, ताकि वो दूसरे बैंक से लिए गए लोन को चुकता कर सके।
मुंबई से प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमसी बैंक ने एक माह पहले ही एचडीआईएल के मालिक सारंग वधावन को यह पर्सनल लोन दिया था ताकि वो बैंक ऑफ इंडिया से लिए गए लोन की भरपाई कर सकें। बैंक ऑफ इंडिया ने लोन की किश्त जमा नहीं करने पर एचडीआईएल के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर की थी।बैंक ऑफ इंडिया से कंपनी ने 520 करोड़ रुपये का लोन ले रखा था।
फिलहाल पीएमसी बैंक ने कुल 8300 करोड़ रुपये का लोन दे रखा है, जिसमें एचडीआईएल को जो लोन दिया है वो कुल लोन राशि का 31 फीसदी है। यह आरबीआई द्वारा तय किए 15 फीसदी के मानक से काफी ज्यादा है।
बैंक में एचडीआईएल सबसे पुराना ग्राहक था। थॉमस के अनुसार केवल एचडीआईएल ही बैंक के कुल टर्नओवर का 50 फीसदी बिजनेस देता है। 1988 में जब बैंक में कोई पैसा जमा नहीं कर रहा था, तब इस कंपनी ने 13 लाख रुपये जमा किए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो बैंक के पास ग्राहकों का साढ़े 11 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। इसलिए ग्राहक बेहद परेशान हैं। बता दें कि इसकी ब्रांच पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा में स्थित है।
अनियमितता बरतने के आरोप में भारतीय रिजर्व बैंक ने मुंबई स्थित पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया है। आरबीआई ने कार्रवाई बैंकिग रेलुगेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 35ए के तहत की है। प्रतिबंध सेक्शन 35 A के तहत लगाया गया है।
आरबीआई ने अपने ऑर्डर में कहा है कि खाताधारक अपने बचत खाते, करेंट खाता या अन्य किसी भी खाते से छह महीने में 1,000 रुपये से अधिक पैसे नहीं निकाल पाएंगे। इतना ही नहीं, पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक ग्राहकों को किसी भी तरह का लोन भी नहीं दे सकता है। आरबीआई का कहना है कि मुंबई स्थित पीएमसी बैंक को बैंकिंग से संबंधित लेनदेन करने से पहले उससे लिखित में मंजूरी लेनी होगी।