बहुत जरूरत हो तभी लें ऋण
एक्सपर्ट के मुताबिक, मोरेटोरियम लाभ के कारण नया ऋण लेने में बाधा आए तो ग्राहक बैंकों को सैलरी स्लिप और अकाउंट स्टेटमेंट दिखाकर नकदी होने का सबूत दे सकते हैं। वैसे, फिलहाल अस्थिरता के दौर में नए कर्ज से बचें तो बेहतर रहेगा। मोरेटोरियम के बाद ईएमआई नहीं चुकाई तो क्रेडिट इसको भी प्रभावित होगा जिससे भविष्य में दिक्कत बढ़ेंगी। लिहाजा ऋण तभी लें जब नकदी की बहुत ज्यादा जरूरत हो।
शर्तों से अनजान लोगों ने जल्दबाजी में चुना विकल्प
लॉकडाउन की घोषणा से घबराए कई लोगों ने जल्दबाजी में यह विकल्प चुना है। उन्होंने पर्याप्त नकदी के बावजूद किससे टालने का फैसला लिया। अगर बैंकों की आगामी शर्तों का पता होता तो काफी लोग मोरेटोरियम नहीं चुनते।