कंपनी ने अपने दो अधिकारियों द्वारा लोन देने में और इस प्रक्रिया में बड़ी चूक पाई। बैंक ने इन अधिकारियों में से एक को बर्खास्त कर दिया है, जबकि अन्य अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुका है। सीबीआई ने पांच शिकायतों में से दो पर मामला दर्ज कर लिया है, जो बशीरबाग और गुंटूर की ब्रांच में हुए थे।
1700 करोड़ का म्यूचुअल फंड घोटाला
स्टॉक मार्केट रेग्यूलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने भी इसी कड़ी में एक म्यूचुअल फंड में घोटाले का भंडाफोड़ किया है। सेबी ने अपनी तहकीकात में पाया कि कुछ असेट मैनेजमेंट कंपनियों ने निवेश करने के लिए 1700 करोड़ रुपये गलत तरीके से वसूलें।
अंग्रेजी अखबार मिंट के अनुसार, सेबी की एडवायजरी कमेटी ने एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा वसूले गए शुल्क को वापस म्यूचुअल फंड स्कीम में ही लगाने की सिफारिश की थी। इस योजना के अमल में आने के बाद निवेशकों से गलत तरीके से ज्यादा शुल्क वसूला जाने लगा।