देनदारियों के लिए फंड की व्यवस्था नहीं
जानकारों का कहना है कि एलआईसी अगर केस हार जाती है तो उसे बकाया टैक्स का भुगतान करना होगा। इसके लिए उसने अलग से कोई फंड नहीं रखा है। इसके तरह के कुल मामले 24,728.03 करोड़ रुपये के हैं। सरकारी बीमा कंपनी मार्च, 2022 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी में है। वह करीब 75,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लेकर आ रही है।
निवेशकों पर असर
- केस हारने पर कंपनी को टैक्स के रूप में बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
- इससे कंपनी के शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न में गिरावट आ सकती है।
- इसकी बाजार हिस्सेदारी भी घटकर नीचे आ सकती है।
- भविष्य की कमाई पर भी असर होने की आशंका
- सितंबर, 2021 तक कंपनी के पास 26,122.95 करोड़ की नकदी।