भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड (एलआईसी) के पॉलिसी धारकों के लिए खुशखबरी। अब आप अपनी पॉलिसी का प्रीमियम केवल एक मिनट में ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके लिए पेटीएम ने एलआईसी के साथ साझेदारी की है।
30 से अधिक कंपनियों के साथ साझेदारी
पेटीएम ने 30 से अधिक बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी कर ली है। अब ग्राहक आसानी से अपने बीमा के प्रीमियम का भुगतान कर सकेंगे। जिन प्रमुख कंपनियों के साथ पेटीएम की साझेदारी हुई है उनमें एलआईसी, रिलायंस लाइफ, एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, मैक्स लाइफ, कैनरा एचएसबीसी लाइफ, टाटा एआईए, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, स्टार हेल्थ और श्रीराम लाइफ प्रमुख हैं।
पेटीएम के सीओओ किरण वासीरेड्डी ने कहा, “हमारे देश में बीमा प्रीमियम का भुगतान ज्यादातर कैश में ही होता है। हम चाहते हैं कि पेटीएम के जरिये लोगों को बिना किसी दिक्कत के आसान भुगतान का अनुभव मिले।
150 रुपये में 1 लाख का बीमा
शेयर बाजार में कारोबार करने वालों को अब न्यूनतम प्रीमियम पर जीवन बीमा का कवर मिल सकेगा। इसके लिए देश की अग्रणी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेस (सीडीएसएल) के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसे लेकर दोनों संगठनों के बीच पिछले सप्ताह ही समझौता हुआ है। इसके तहत, 18 से 59 साल की उम्र के व्यक्ति को समूह बीमा प्रदान किया जाएगा। इसमें समूह बीमा योजना के तहत इच्छुक खाताधारकों को एक लाख रुपये का कवर मिल सकेगा।
यदि खाताधारक चाहेंगे, तो वैयक्तिक तौर पर अधिकतम पांच लाख रुपये का कवर ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि समूह बीमा योजना में एक लाख रुपये का वार्षिक प्रीमियम महज डेढ़ सौ रुपये के करीब होगा। यह बाजार में चल रहे प्रीमियम के मुकाबले काफी कम होगा। वैयक्तिक तौर पर जो पांच लाख रुपये का बीमा लिया जाएगा, उसके लिए अभी प्रीमियम तय नहीं हुआ है, लेकिन यह भी बाजार मूल्य के मुकाबले काफी कम होगा।
सस्ता व सुविधानजक बीमा विकल्प
एलआईसी के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक विपिन आनंद के मुताबिक, यह समझौता एलआईसी और प्रतिभूति बाजार में निवेश करने वाले लाखों लोगों के बीच सस्ता और सुविधाजनक जीवन बीमा विकल्प उपलब्ध कराएगा। यह उनके संस्थान के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पहल एलआईसी के 62वें स्थापना वर्ष पर की गई है।
उनका कहना है कि दावों के निपटान के मामले में नंबर वन एलआईसी का सीडीएसएल से जो समझौता हुआ है, उससे उम्मीद है कि शेयर बाजार में निवेश करने वालों में एक विश्वास का रिश्ता कायम करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस समय सीडीएसएल के पास 1.58 करोड़ डीमैट खाते हैं, जो कुल उद्योग का 48 फीसदी है।