देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाने वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) इस साल एशिया में सूचीबद्ध हुए शेयरों में घाटा देने के मामले में दूसरे नंबर पर रही है। इसके शेयर ने 29 फीसदी का नुकसान दिया, जबकि दक्षिण कोरिया की एलजी एनर्जी के शेयर में 30 फीसदी की गिरावट आई है।
एलआईसी का आईपीओ 949 रुपये पर आया था और शेयर 17 मई को लिस्ट हुआ था, जो सोमवार को 668 रुपये पर बंद हुआ। इश्यू के भाव पर इसका बाजार पूंजीकरण 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा था, लेकिन अब यह 4.22 लाख करोड़ रुपये रह गया है। यानी 1.78 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। पिछले 10 दिन से लगातार इसके शेयरों की पिटाई हो रही है। इसकी तुलना में जनवरी से लेकर अब तक बीएसई का सेंसेक्स केवल 9 फीसदी टूटा है।
- 4.22 लाख करोड़ रह गया एलआईसी का बाजार मूल्य
- पेटीएम, जोमैटो, नायका ने डुबाए 2.36 लाख करोड़
पेटीएम में 1.02 लाख करोड़ रुपये का घाटा
पेटीएम के शेयर ने भी निवेशकों को जमकर घाटा दिया है। नवंबर में इसका आईपीओ 2,150 रुपये पर आया था और बाजार पूंजीकरण 1.39 लाख करोड़ रुपये था। सोमवार को शेयर 583 रुपये पर बंद हुआ, जो करीबन 72 फीसदी टूटा है। मार्केट कैप 37,828 करोड़ रुपये है। लिस्टिंग पर ही यह शेयर 27 फीसदी टूट गया था।
जोमैटो का शेयर 60 फीसदी टूटा
नवंबर में जोमैटो 169 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इसका भी शेयर इश्यू भाव से नीचे अब 67 रुपये पर पहुं्च गया है। यानी 60 फीसदी का नुकसान निवेशकों को दिया है। बाजार पूंजीकरण 1.39 लाख करोड़ रुपये से घटकर 53,068 करोड़ रुपये पर आ गया है।
नायका में 40 फीसदी का नुकसान
नायका का शेयर नवंबर में 2,574 रुपये पर था जो अब 40 फीसदी गिरकर 1,458 रुपये पर आ गया है। उस समय बाजार पूंजीकरण 1.19 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 69,153 करोड़ रुपये रह गया है। यानी करीबन 49 हजार करोड़ रुपये की कमी आई है।
क्रिप्टो बाजार में 16 महीने की बड़ी गिरावट
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सोमवार को एक लाख करोड़ डॉलर की गिरावट आई। यह जनवरी, 2021 के बाद 16 महीने की बड़ी गिरावट है। क्रिप्टो बाजार का मूल्यांकन घटकर 926 अरब डॉलर पर आ गया, जो नवंबर, 2021 में बढ़कर 2.9 लाख करोड़ डॉलर के उच्चस्तर पर पहुंच गया था।
बिटकॉइन 10 फीसदी गिरकर 23,750 डॉलर पर आ गया है, जो इसका 18 महीने का निचला स्तर है।