सीबीआई के मुताबिक, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड स्थित असोसिएट कंपनी एम/एस एक्सेल सनसाइन लिमिटेड को 523 करोड़ रुपये का लोन देने के लिए आईडीबीआई बैंक के इन पूर्व अधिकारियों ने शिवा ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर्स व निदेशकों के साथ आपराधिक साजिश रची।
इससे पहले 2010 में शिवा ग्रुप की कंपनी विन विंड ओवाई को दिया गया 323 करोड़ रुपये का लोन भी डूब चुका था और कंपनी ने फिनलैंड में दिवालिया अर्जी दाखिल की थी। बैंक ने इस तथ्य को नजरअंदाज करते हुए भी लोन दे दिया।
बैंक अधिकारियों ने पहुंचाए कई फायदे
आईडीबीआई ने शिवा की कंपनियों को कई और फायदे पहुचाएं। बैंक ने शिवा की कंपनियों को 31 करोड़ रुपये मूल्य के तीन और लोन जारी किए ताकि आईडीबीआई के ब्याज को चुका कर यह दिखाया जा सके कि लोन अकाउंट अच्छी स्थिति में है।