संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार होने से आईसीआईसीआई बैंक को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकीकृत आधार पर 2,513.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। पिछले साल बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ मात्र 4.93 करोड़ रुपये रहा था। बैंक ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
इस संदर्भ में बैंक के मानद कार्यकारी निदेशक संदीप बत्रा और समूह के मुख्य वित्त अधिकारी राकेश झा समेत प्रबंधन ने एक कॉफ्रेंस कॉल पर कहा कि बैंक नीतिगत दरों में कमी का लाभ कर्ज लेने वाले ग्राहकों तक पहुंचाएगा। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक के सकल एनपीए में 2,779 करोड़ रुपये की वृद्धि दिखी। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह वृद्धि 3,457 करोड़ रुपये हुई थी। इसमें खुदरा क्षेत्र के एनपीए में 1,511 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट एवं एसएमई क्षेत्र के सकल एनपीए में 1,268 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
बैंक ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के अवरुद्ध कर्जों में 452 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। इसके प्रतिस्पर्धी निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने भी कृषि क्षेत्र के कारण एनपीए बढ़ने की जानकारी दी थी। प्रबंधन ने एनबीएफसी और मीडिया क्षेत्र के ऋण खातों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इन क्षेत्रों को थोड़ा बहुत कर्ज दिया गया है जो उल्लेखनीय नहीं है।