निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक--एचडीएफसी के वर्तमान प्रबंध निदेशक आदित्य पुरी ने कहा है कि उनके उत्तराधिकारी बनने वाले व्यक्ति को 15 दिन का चैलेंज लेना होगा। अगर वो व्यक्ति उस चैलेंज में सफल हो गया तभी वो बैंक का नया एमडी बन सकेगा।
बैंक की वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि अगर उस व्यक्ति को मेरे जैसा बनने के लिए एक साल की ट्रेनिंग चाहिए होगी, तो ऐसे व्यक्ति को मैं नहीं चाहता हूं। पुरी बैंक की स्थापना वर्ष 1994 से लगातार एमडी बने हुए हैं।
पुरी ने बैंक की एक छोटे स्तर पर की थी, लेकिन शुरुआत से लेकर के अभी तक उनके नेतृत्व में ही यह निजी क्षेत्र में प्रथम स्थान पर पहुंच पाई है। फिलहाल पुरी पूरे भारत में सभी बैंकों के हेड को मिलने वाली सैलरी में सबसे आगे हैं।
बैंक के शेयरहोल्डर जल्द ही पुरी के उत्तराधिकारी चुनने की कवायद शुरू कर देंगे। मई 2018 में पुरी ने कहा था कि बैंक का बोर्ड जल्द ही उनके उत्तराधिकारी को ढूंढना शुरू कर देगा। तब बैंक ने प्लान किया था कि वो 18 से 24 महीने पहले ऐसा करना शुरू कर देगा और बैंक ऐसे व्यक्ति को पुरी के साथ एक साल काम करने का वक्त भी देगा।
पुरी ने साफ किया बैंक अपनी एनबीएफसी कंपनी एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का फिलहाल आईपीओ लेकर के नहीं आ रहा है। बैंक इस साल पूरे देश में 800 नई शाखाएं खोलने जा रहा है।
पुरी ने कहा कि ऑटो सेक्टर में हर चाल साल बाद मंदी का दौर आता है। इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं एक तिमाही में अगर विकास दर कम हो जाती है, तो भी इससे देश की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।