बुजुर्ग लोग अक्सर आशीर्वाद के तौर पर अपने बच्चों को पैसे या सोना दिया करते है। त्योहारों के दिन यह प्रचलन ज्यादा देखने को मिलता है। अगर आप भी उनमें से एक है तो आप अपने बच्चों को बदलते वक्त में उनके नाम से निवेश करके उन्हें ऐसा उपहार दे सकते हैं यह सालों बाद उनके काम आएगा। लंबे समय के लिए आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके पोते का भविष्य संवार सकते हैं और उन्हें भी बचत के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
बुजुर्ग के नाम पर निवेश
नाबालिक के नामांकन फॉर्म में माता-पिता या अभिभावक का ब्यौरा देना आवश्यक होता है। बच्चे के लिए किया गए निवेश में नाबालिक के साथ-साथ दादा दिया जा सकता है। ऐसे निवेश के मामलों में दादा के केवाईसी की जरुरत होती है। दादा की मौत हो जाने पर इस निवेश का हक पोते को मिल जाता है।
नाबालिक के नाम पर निवेश
- इन मामलों में निवेश नाबालिक पोते के नाम पर किया जाता है मगर भुगतान दादा करते हैं। नाबालिक के नामांकन फॉर्म में माता-पिता या अभिभावक का ब्यौरा देना आवश्यक होता है।
- दादा-दादी के द्वारा थर्ड पार्टी डिक्लरेशन फॉर्म साइन किया जाता है। बैंक अकाउंट और निवेशक के बीच के रिश्ते को इस फॉर्म में दर्शाया जाता है।
जरुरी बातें
- इन म्यूचुअल फंडों में पांच साल की लॉक-इन अवधि होती है या जब तक बच्चा बहुमत प्राप्त नहीं करता है।
- यह विशेष रूप से तैयार म्यूचुअल फंड योजनाएं हैं जिनका उद्देश्य बच्चों के लिए कॉर्पस बनाना है। आप इन फंडों में निवेश कर सकते हैं।