फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी बैंकों में बेहतरी के लिए जारी रहेगा सुधार   

Mon, 06 Jun 2016 07:30 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • अब सरकारी बैंकों को काम काज में  है ज्यादा स्वतंत्रता 
  • बैंकरों के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने बैंकों को अधिकार संपन्न बनाने पर की चर्चा 
     
विज्ञापन
जेटली ने जताई उम्मीद - फोटो : Getty
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बेहतरी के लिए सुधार जारी रहेगा। फिलहाल इनके लिए तीन उपाय किए गए हैं। इसके साथ ही इनके लिए कुछ विधायी उपाय भी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि अब सरकारी बैंकों को तीन तरह की स्वतंत्रता मिली है। पहला कि उन्हें फैसले लेने के लिए ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। उन्हें फैसले लेने में कोई डिक्टेट नहीं करेगा। दूसरा कि वे मामले का अध्ययन कर जो उचित निर्णय लेंगे, उसका सम्मान किया जाएगा।

तीसरा कि उनके  लिए सरकार ऐसा वातावरण तैयार करेगी, जिसमें समस्याओं का बेहतर तरीके से समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि सोमवार की बैठक में विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा हुई। बैंकों को अधिकार संपन्न बनाने तथा वातावरण में ऐसे सुधार के सुझाव पेश किए ताकि वाणिज्यिक दृष्टि से समुचित फैसले किए जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में पूरी तरह से बैंकों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री के मुताबिक विधायी उपायों से बैंकों को सुधार के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन


दिवालिया एवं शोधन अक्षमता संहिता संसद से पारित कराया जा चुका  है। यह जल्दी ही लागू हो जाएगा। इसके अलावा ऋण वसूली कानून में और प्रतिभूतिकरण कानून में संशोधन के प्रस्ताव इस समय संसद की संयुक्त समिति के समक्ष हैं। संयुक्त समिति इस पर विचार कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संसद के अगले सत्र में यह भी पारित हो जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें