गृह मंत्रालय ने पंजाब नेशनल बैंक के 14000 करोड़ रुपये घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता लेने की खबर के बाद इस समिति का गठन किया था। समिति को ऐसे भारतीय पासपोर्ट धारकों के मामलों को देखने को कहा गया था जिन्होंने दोहरी नागरिकता ले ली है। समिति ने वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक उपसमिति बनाई थी जिसे भारतीय पासपोर्ट के दुरुपयोग और दोहरी नागरिकता के मुद्दे को देखने का काम सौंपा गया था।
यह होगा बदलाव
सरकार दोहरी नागरिकता और पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अब लोन लेकर विदेश भागना और बसना भी मुश्किल होगा। डिफॉल्टर को अब विदेश जाने की अनुमति लेनी होगी। आर्थिक अपराधियों के विदेश जाने पर रोक भी लगने की संभावना है।
आसानी से नहीं मिलेगी नागरिकता
सरकार की दोहरी नागरिकता के नियमों में बदलाव की तैयारी है। जिसके तहत दूसरे देशों की नागरिकता लेने पर सख्ती होगी। इसके लिए पासपोर्ट नियमों में बदलाव की भी तैयारी है। इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय में बैंकिंग सचिव ने बैठक की है।
सूत्रों ने कहा कि मौजूदा प्रणाली में किसी डिफॉल्टर को अपराधी घोषित करने में काफी समय लगता है। ऐसे में समिति ऐसे तरीकों पर विचार कर रही है ताकि ऐसे मामलों में पहले से सतर्क किया जाएगा।
पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब डॉलर का घोटाला सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेने वालों के पासपोर्ट का ब्योरा जुटाने को कहा था। इस घोटाले का सूत्रधार नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चोकसी देश से भाग चुके हैं। शराब कारोबारी विजय माल्या मार्च, 2016 में देश छोड़कर भाग गया था। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस अपना कर्ज चुकाने में विफल रही थी।