सार्वजनिक क्षेत्र के सिंडिकेट बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि के लिए कोष की सीमांत लागत आधारित ऋण ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.05 फीसदी की कटौती की है। यह कटौती 15 जून से प्रभावी है।
इससे पहले आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि रेपो दरों में की गई कटौती का लाभ बैंक जल्द ही ग्राहकों तक पहुंचाएंगे। 2019 में अब तक रेपो दर में 0.75 फीसदी की कटौती की जा चुकी है और मौजूदा रेपो दर 5.75 फीसदी है।
सार्वजनिक क्षेत्र के ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) ने भी एमसीएलआर में 0.10 फीसदी तक की कटौती की थी। इसी के साथ नई ब्याज दर एक दिन के लिए 8.20 फीसदी और एक महीने की अवधि के लिए 8.25 फीसदी हो गई है। इसी तरह बैंक ने तीन माह, छह माह और एक वर्ष की अवधि के लिए कर्ज पर ब्याज दर को 0.05 फीसदी घटाया है। अब तक जो दर तीन माह के लिए 8.50 फीसदी, छह माह के लिए 8.60 और एक वर्ष के लिए 8.70 फीसदी थी वह गुरुवार से क्रमश: 8.45, 8.55 8.65 फीसदी होगी।
वहीं मंगलवार को देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी सभी अवधि के कर्ज पर सीमांत लागत में 0.05 फीसदी कटौती की घोषणा की था। बैंक की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि नई दरें बुधवार से प्रभावी हो जाएंगी।
विज्ञप्ति में कहा गया था कि एक साल की अवधि के कर्ज पर सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) यानी कर्ज की न्यूनतम ब्याज दर को 0.05 फीसदी घटाकर 8.40 फीसदी कर दिया गया है।