बैंकिंग सेक्टर में भी लोगों को लिए अपनी नौकरी संभालना कठिन होता जा रहा है। विश्व के प्रमुख बैंकों में शुमार और जर्मनी के सबसे बड़े कर्जदाता डॉएचे बैंक ने पूरे विश्व में कार्यरत 18 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
बैंक ने इस हिसाब से अपने कुल कार्यबल में 20 फीसदी की कटौती कर दी है। बैंक ने लंदन, फ्रैंकफर्ट, हांगकांग, सिडनी, न्यूयॉर्क में इक्विटी मार्केट विभाग में कार्यरत लोगों को निकाल दिया है। इसका असर भारत में भी पड़ा है।
डॉएचे बैंक के सीईओ क्रिस्टियान जेविन निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे जर्मनी के सबसे बैंक का कायापलट कर सकते हैं। पिछले महीने डॉएचे बैंक का शेयर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। बैंक ने कहा कि वह अपने निवेश विभाग के अंतगर्त होने वाले स्टॉक के कारोबार को बंद करेगा।
बैंक का 72 देशों में कारोबार है और इसकी शाखांए ज्यादातर यूरोप, अमेरिका, एशिया पैसेफिक, ऑस्ट्रेलिया जैसे जगह के प्रमुख शहरों में स्थित है।