कोरोना काल में भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रहे हैं। साल 2021 तक देश में डिजिटल लेनदेन चार गुना तक बढ़ने की उम्मीद है। अब देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सहयोगी कंपनी एसबीआई पेमेंट्स और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने रूपे सॉफ्टपीओएस (RuPay SoftPoS) पेश करने के लिए हाथ मिलाया है। इसके तहत दुकानदार अपने स्मार्टफोन के जरिए 5,000 रुपये तक का संपर्करहित लेनदेन कर सकेंगे।
ऐसे होगा फायदा
इस संदर्भ में एसबीआई और एनपीसीआई ने संयुक्त बयान में कहा कि इस समाधान में नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) आधारित स्मार्टफोन को रिटेलरों के लिए अपने मर्चेंट पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनलों में बदलने की क्षमता है। लाखों एमएसएमई इसका लाभ उठा पाएंगे। इसके जरिए दुकानदार 5,000 रुपये तक का संपर्करहित भुगतान अपने स्मार्टफोन पर 'टैप एंड पे' व्यवस्था के जरिए स्वीकार कर पाएंगे।
एसबीआई पेमेंट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गिरी कुमार नैयर ने कहा कि, 'हम एनपीसीआई के साथ मिलकर सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC कार्ड्स) और रूपे कार्ड पर किया जा सकता है।
करोड़ों कारोबारियों के लिए पेश होगी योनो मर्चेंट एप
मालूम हो कि एसबीआई पेमेंट्स खुदरा और औद्योगिक क्षेत्र के करोड़ों कारोबारियों की मदद के लिए जल्द ही योनो मर्चेंट एप पेश करने वाली है। इसकी मदद से कारोबारी मोबाइल आधारित तकनीक के जरिये डिजिटल पेमेंट्स ले सकेंगे। इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एसबीआई पेमेंट्स ने वीजा (VISA) से हाथ मिलाया है। इस मामले में एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा था कि, 'बैंक ने तीन साल पहले योनो प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था। योनो के 358 लाख पंजीकृत ग्राहक हैं। योनो मर्चेंट इस प्लेटफॉर्म का एक विस्तार है।'