कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोग अब ऑनलाइन लेनदेन को प्राथमिकता दे रहे हैं। सामान्य लोग भी अब घरेलू सामान की खरीदारी से लेकर आवश्यक सेवाओं के लिए फीस का भुगतान भी ऑनलाइन माध्यम से कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि बड़ी संख्या में ग्राहक अब शाख स्तर पर लेनदेन से बच रहे हैं और डिजिटल तौर-तरीकों को अपना रहे हैं। यह बदलाव स्थायी होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल 100 लेनदेन में केवल सात एसबीआई शाखाओं के जरिए हो रहे हैं, जबकि तीन साल पहले 100 लेनदेन में 20 होते थे। ग्लोबल बिजनेस समिट के दौरान कुमार ने कहा कि, 'हम यह देख रहे हैं कि लोग शाखाओं और यहां तक लोग एटीएम से भी दूर हो रहे हैं। एटीएम के जरिए प्रति 100 लेनदेन के हिसाब से, यह 55 से कम होकर 29 पर आ गई है। दूसरी तरफ मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट के जरिए होने वाले डिजिटल लेनदेन प्रति 100 सौदों पर बढ़कर 55 हो गयी है।'
स्थायी है बदलाव
उन्होंने कहा, 'यह बदलाव स्थायी है और यह स्थिति बनी रहेगी। लोगों को डिजिटल और मोबाइल बैंकिग से सहूलियत हो रही है।' हालांकि, कुमार ने कहा कि शाखाएं बनी रहेंगी, इसके अपने फायदे हैं। उन्होंने कहा, 'शाखाओं की जरूरत बनी रहेगी। हां, उनके आकार-प्रकार में बदलाव आएगा और हम अब जो भी शाखा खोल रहे हैं, वह डिजिटल होती है।'
डिजिटल रूप से हो रहे हैं 91 फीसदी काम
इससे पहले एसबीआई के प्रबंध निदेशक अश्विनी भाटिया ने कहा था कि अब 91 फीसदी काम डिजिटल रूप से हो रहे हैं, जो 35 साल पहले अकल्पनीय था। उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक आभासी सम्मेलन में कहा था कि, 'हम मानते हैं कि यह 91 फीसदी से 100 फीसदी हो जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक जैसे बैंक के लिए, और जाहिर तौर पर दूसरे बैंक, सभी डिजिटल रूप से आगे बढ़ने जा रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है। स्मार्टफोन की पहुंच भी बढ़ने वाली है।'