जीवन में हर कोई कभी न कभी लोन लेता ही है। कुछ लोगों को लोन आसानी से मिल जाता है और कुछ लोगों को खूब पापड़ बेलने के बाद भी निराशा ही हाथ लगती है।
आपकी सैलरी और अन्य सभी योग्यताएं पूरी होती हैं, लेकिन फिर भी लोन मिलने में परेशानी होती है, तो समझ लीजिए कि ये सब हो रहा है CIBIL (क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया लिमिटेड) की वजह से।
अगर आपकी सिबिल रिपोर्ट अच्छी है तो आपको लोन आसानी से मिल जाएगा, लेकिन रिपोर्ट खराब होने पर आपको सिर्फ निराशा ही हाथ लगेगी। आइए जानते हैं कि क्या है ये सिबिल?
क्या है सिबिल?
सिबिल एक ऐसी संस्था है, जो देश के हर शख्स के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड रखती है। ये वो लेन-देन होते हैं जो कोई शख्स किसी वित्तीय संस्थान के साथ करता है। इसी रिकॉर्ड के हिसाब से आपकी सिबिल रिपोर्ट तय होती है।
देश भर के करीब 500 सरकारी बैंक और वित्तीय संस्थान इससे जुड़े हुए हैं, जो हर ग्राहक के लेन-देन के बारे में सिबिल को बताते हैं। इनमें आपके लोन, ईएमआई, क्रेटिड कार्ड का बिल या फिर किसी लोन के लिए पूछताछ भी शामिल होती है।
इन्हीं सब के आधार पर आपकी अच्छी या बुरी रिपोर्ट बनती है, जिसके आधार पर बैंक तय करते हैं कि वे आपको लोन दें या नहीं। इससे बैंकों को यह अंदाजा लगता है कि वह शख्स पैसे दे पाएगा या नहीं।
दो तरह की होती है सिबिल रिपोर्ट
सिबिल रिपोर्ट दो तरह की होती है, जिसमें पहली होती है सीआईआर और दूसरी होती है सिबिल ट्रांसयूनियन स्कोर। सीआईआर में लेन-देन के बारे में मुख्य बातें होती हैं, जिसे पाने के लिए करीब 142 रुपए चुकाने होते हैं।
वहीं दूसरी ओर होता है सिबिल ट्रांसयूनियन स्कोर, जो 300 से लेकर 900 तक हो सकता है। आपका स्कोर जितना अधिक होगा, आपको लोन उतनी ही आसानी से मिलेगा। 500 रुपए का भुगतान करके आप अपना ये स्कोर पता कर सकते हैं।
तो अगर आप चाहते हैं कि आपका सिबिल स्कोर अच्छा बना रहे और आपको लोन आसानी से मिलता रहे, तो इसके लिए आपको कोई डिफॉल्ट नहीं करना चाहिए।
सिबिल पर किस चीज का कितना असर?
=> सिबिल पर आपके क्रेडिट कार्ड, होम लोन, कार लोन पर्सनल जैसे कर्जों का 10 प्रतिशत असर पड़ता है।
=> लोन के बारे में पूछताछ करने का भी 10 प्रतिशत असर सिबिल स्कोर पर पड़ता है। इसके लिए जरूरी है कि बिना जरूरत आप बैंक से लोन को लेकर पूछताछ न करें।
=> लोन की अवधि का भी आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है। जितनी ज्यादा अवधि के लिए लोन, रिपोर्ट पर उतना ही अधिक नकारात्मक असर।
=> आपके कर्ज की उपयोगिता का इस क्रेडिट स्कोर पर 30 प्रतिशत असर पड़ता है।
=> इस स्कोर पर सबसे अधिक 35 प्रतिशत फर्क पड़ता है आपकी पेमेंट हिस्ट्री का। इसमें देखा जाता है कि आप कितनी बार अपने लोन की किस्त जमा करने से चूके हैं। अगर आपने हमेशा अपनी किस्त सही समय पर दी है, तो आपकी पेमेंट हिस्ट्री बहुत अच्छी है, जिसका आपके क्रेडिट स्कोर पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
गलत सिबिल रिपोर्ट हो तो क्या करें?
अगर आपकी सिबिल रिपोर्ट गलत है तो आपको आगे बढ़कर अपनी सिबिल रिपोर्ट सही करवानी चाहिए। इसके लिए आप अपने बैंक से बात कर सकते हैं।
अगर रिपोर्ट के अनुसार आपकी देनदारी दिखाई जा रही है और आपकी कोई देनदारी नहीं है तो इसके बारे में तुरंत ही बैंक को सूचित करें और कहें कि बैंक सिबिल को इसके बारे में रिपोर्ट भेजे।
ये गलतियां कई बार मानवीय भूल के चलते हो जाती हैं और कई बार इसके लिए तकनीक भी जिम्मेदार होती है। खैर जो भी हो, लेकिन सिबिल एक तरह से आपके भविष्य की लाइफ लाइन है, तो आपको भी इस पर पूरा ध्यान देना जरूरी है।
ऐसे पता करें क्रेडिट स्कोर
क्रेडिट स्कोर पता करने के लिए आपको तीन चरण पूरे करने होंगे-
1- ऑनलाइन फॉर्म- सबसे पहले आपको सिबिल की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, पता, फोन नंबर, अपनी पहचान और पते का सबूत देना होगा। इसमें क्रेडिट कार्ड नंबर और लोन एकाउंट नंबर भी पूछा जाता है।
2- ऑनलाइन भुगतान- इसके बाद आपको 500 रुपए का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। भुगतान के बाद आपको एक आइडेंटिफिकेशन आईडी मिलेगी, जिसे नोट करके रख लें।
3- ऑथेंटिकेशन- ऑनलाइन भुगतान के बाद आपको वापस सिबिल के पेज पर जाना होगा। वहां पर आपको अपनी क्रेडिट हिस्ट्री से जुड़े तीन सवालों के जवाब देने होंगे। इन सवालों से आपकी सही पहचान हो जाएगी और इसके बाद आपको चार दिनों के अंदर सिबिल रिपोर्ट भेज दी जाएगी। अगर चार दिनों के अंदर स्टेटस की रिपोर्ट न मिले तो info@cibil.com पर अपनी ट्रांजैक्शन आईडी के साथ मेल करके इसकी सूचना दे सकते हैं, जिसके बाद आपको रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
ये भी ध्यान रखें
अगर आपका ऑथेंटिकेशन नहीं हो पता है या फिर फेल हो जाता है तो भी घबराएं नहीं। अपने भुगतना की रसीद को जरूरी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित फोटो कॉपी के साथ सिबिल के पते पर भेज दें। दस दिन के अंदर आपको रिपोर्ट आपके पते पर भेज दी जाएगी।
कौन से दस्तावेज जरूरी?
1- ऑनलाइन पेमेंट कन्फर्मेशन आईडी
2- आइडेटिटी प्रूफ जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी आदि
3- एड्रेस प्रूफ जैसे बैंक स्टेटमेंट, इलेक्ट्रिसिटी बिल, टेलीफोन बिल, पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड, स्टेटमेंट
क्या है सिबिल का पता?
Consumer relation, Disclosure
Request, Credit Information
Bureau (India) Ltd. Hoechst
House, 6thFloor, 193
Backbay Reclamation,
Nariman Point Mumbai 400 021.