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चंदा कोचर, पति पर लग सकता है 35 करोड़ का जुर्माना, आईसीआईसीआई बैंक भी आएगा लपेटे में

Mon, 10 Sep 2018 11:03 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) छुट्टी पर चल रहीं आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर तथा उनके पति को कारोबारी सौदे के दौरान कथित तौर पर नियामकीय उल्लंघन की जांच को लेकर तलब कर सकता है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर दोनों पर आरोप साबित हुए तो फिर 35 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। 
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बैंक अधिकारी भी होंगे तलब

इसके अलावा, कोचर के पति से नजदीकियों का कथित तौर पर लाभ उठाने वाले बैंक तथा वीडियोकॉन के उन कुछ अधिकारियों को भी आरोपों को लेकर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तलब किया जा सकता है। 

यह है आरोप

दीपक कोचर की कंपनी में वीडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने निवेश किया था। इसके बाद बैंक ने वीडियोकॉन को 3,250 करोड़ रुपए का कर्ज दिया। गलती साबित होने पर बैंक पर 25 करोड़ और चंदा कोचर पर 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
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चंदा के डायरेक्टर बनने पर भी सेबी रोक लग सकता है। बैंक का बोर्ड शुरू से इस बात से इनकार कर रहा है कि वीडियोकॉन को कर्ज देने में किसी तरह की गलती हुई है। बैंक अपनी तरफ से भी जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्ण समिति से जांच करवा रहा है। जांच पूरी होने तक चंदा कोचर छुट्टी पर हैं। सेबी के अलावा रिजर्व बैंक, कंपनी मामलों के मंत्रालय और सीबीआई भी मामले की जांच कर रहे हैं। 

बैंक पर भी लग सकता है जुर्माना

अगर सेबी को बैंक की तरफ से भी कुछ गलत लगा तो फिर बैंक पर 25 करोड़ का जुर्माना लग सकता है।  आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कोचर बैंक की एमडी और सीईओ बनी रहेंगी, जबकि बैंक की बीमा विभाग के प्रमुख संदीप बख्शी को पूर्णकालिक निदेशक और सीओओ नियुक्त किया गया है। वे बैंक का दैनिक कामकाज देखेंगे और कोचर को रिपोर्ट करेंगे। मालूम हो कि बैंक का निदेशक बोर्ड कोचर में पूरा भरोसा जता चुका है।
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कोचर की स्वीकारोक्ति

Chanda Kochhar
सेबी की जांच के अनुसार चंदा कोचर ने यह स्वीकार किया है कि पिछले कई सालों से उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत के बीच कारोबारी रिश्ते थे। उन्होंने यह भी माना कि वे दोनों न्यूपावर के सह-संस्थापक और प्रवर्तक थे।

इस आधार पर सेबी इस नतीजे पर पहुंचा है कि आईसीआईसीआई बैंक की वीडियोकॉन के साथ डीलिंग में ‘हितों का टकराव’ हुआ है। आईसीआईसीआई बैंक ने 2012 में वीडियोकॉन को 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया था जो अब एनपीए बन चुका है।

नियमों का उल्लंघन

चंदा कोचर ने अपने पति के इस कारोबारी रिश्ते को उजागर नहीं करके लिस्टिंग समझौते का उल्लंघन किया है। बैंक की गलती यह है कि उसने अपने सीईओ द्वारा नियमों के उल्लंघन की अनदेखी की। इसके मद्देनजर इस मामले में कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जाती है।
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