सिंडिकेट बैंक में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने फ्रॉड के लिए कुख्यात नटवरलाल को भी पीछे छोड़ दिया है। कथित तौर पर चार व्यापारियों ने राजस्थान के सिंडिकेट बैंक की तीन शाखाओं के पांच एक्जीक्यूटिव की सांठगांठ के जरिए 386 खाते खुलवाए। फिर जाली चेक, लेटर ऑफ क्रेडिट और एलआईसी पॉलिसियों के माध्यम से हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
इस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर, जयपुर और उदयपुर में 10 ठिकानों पर छापेमारी की और बैंक के इन कर्मचारियों और व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में सिंडिकेट बैंक जयपुर के महाप्रबंधक सतीश कुमार गोयल, डीजीएम (क्षेत्रीय कार्यालय) संजीव कुमार, एमआई रोड शाखा के मुख्य प्रबंधक देशराज मीना, मालवीय नगर शाखा के आदर्श मनचंदा और उदयपुर के एजीएम अवधेश तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सिंडिकेट बैंक ने इन सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। मालूम हो कि इस मामले की शिकायत सिंडिकेट बैंक ने ही सीबीआई के पास दर्ज करवाई थी जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने मामला दर्ज किया। जिन लोगों के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है उनमें उदयपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट भारत बांब, कारोबारी पियूष जैन और विनीत जैन और जयपुर के व्यापारी शंकर खंडेलवाल शामिल हैं।