प्राइवेट सेक्टर में सबसे बड़े बैंकों में शुमार एक्सिस बैंक के अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो इसको बिकने से कोई नहीं रोक सकता है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक दिसंबर के बाद वर्तमान सीईओ शिखा शर्मा अपना पद छोड़ देंगी, जिसके बाद इसको बेचने की तैयारी शुरू हो सकती है।
यह दिग्गज बैंकर खरीद सकता है बैंक
प्राइवेट सेक्टर के एक और अन्य प्रमुख बैंक के मालिक उदय कोटक (कोटक महिंद्रा बैंक) को एक्सिस को खरीदने के लिए काफी अच्छा समय होगा। नोमुरा के अनुसार, दिसंबर में एक्सिस बैंक को कोई बाहरी सीईओ नियुक्त करना होगा। ऐसे में कोटक बैंक के पास तब एक्सिस को खरीदने के लिए हालात बेहतर होंगे, क्योंकि बैंक अपने एनपीए को कम नहीं कर सकेगा।
हो सकता है विलय
कोटक बैंक और एक्सिस बैंक का विलय भी हो सकता है। एक्सिस बैंक की मार्केट में पहले से ही साख गिर गई है, क्योंकि आरबीआई ने भी बैंक के मैनेजमेंट और बोर्ड पर काफी दबाव बना रखा है। बैंक के टॉप मैनेजमेंट में कोई ऐसा शख्स भी फिलहाल नहीं दिख रहा है जो दिसंबर के बाद इसकी कमान ले सके। वहीं एक्सिस बैंक के मुकाबले कोटक के शेयरों में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है।
नए बैंक के पास होंगी सबसे ज्यादा ब्रांचें
अगर दोनों का मर्जर होता है तो उसके बाद बनने वाले बैंक के पास 5,760 ब्रांच होंगी। इतनी ब्रांच देश के किसी प्राइवेट सेक्टर बैंक के पास नहीं है। आईसीआईसीआई बैंक के पास 4,860 ब्रांच हैं। मर्जर के बाद बैंक की लोन बुक 6.16 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी, जो एचडीएफसी बैंक की 6.31 लाख करोड़ की लोन बुक से कुछ ही कम होगी।