फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साल में बैंकों को धोखाधड़ी से लगी 71 हजार करोड़ से ज्यादा की चपत

Mon, 03 Jun 2019 06:04 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • रिजर्व बैंक ने आरोपियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू करने की बात कही
  • 71.5 हजार करोड़ रुपये की चपत धोखाधड़ी से लगी बैंकों को 2018-19 में
  • 2.05 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है पिछले 11 वित्त वर्ष में बैंकों को फर्जीवाड़े से
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार और रिजर्व बैंक की तमाम कोशिशों के बावजूद देश में बैंकों से धोखाधड़ी पर लगाम नहीं लग पा रही है। पिछले वित्त वर्ष में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में 73 फीसदी का उछाल आया है। आरबीआई ने सोमवार को बताया कि 2018-19 में बैंकों और वित्तीय संस्थानों से फर्जीवाड़े के करीब सात हजार मामले सामने आए हैं। 
विज्ञापन


आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक फर्जीवाड़े के 6,801 मामले सामने आए, जिनमें 71,543 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इससे पहले 2017-18 में बैंकिंग धोखाधड़ी के 5,916 मामले सामने आए थे, जिनमें बैंकों को कुल 41,167 करोड़ रुपये की चपत लगी थी।

इस तरह बीते साल फर्जीवाड़े के मामलों में करीब 73 फीसदी का इजाफा हुआ। केंद्रीय बैंक ने एक आरटीआई के जवाब में ये आंकड़े जारी करते हुए कहा कि पिछले 11 वित्त वर्षों के दौरान बैंकिंग फर्जीवाड़े के 53,334 मामलों का खुलासा हुआ, जिसमें करीब 2 लाख करोड़ रुपये की चपत बैंकों को लगी। 

समय के साथ बढ़ती गई रकम

आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में बैंकों से धोखाधड़ी के मामलों में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ, लेकिन इसकी रकम कई गुना बढ़ गई। वित्त वर्ष 2008-09 में जहां 4,372 फर्जीवाड़े के मामलों में बैंकों को 1,860 करोड़ की चपत लगी थी।
विज्ञापन


वहीं, पांच साल बाद 2013-14 में सामने आए 4,306 मामलों में फर्जीवाड़े की रकम बढ़कर 10,170 करोड़ रुपये हो गई। इसके पांच साल बाद 2018-19 में धोखाधड़ी के 2600 मामले ही बढ़े, लेकिन इसकी रकम करीब सात गुना हो गई।

सख्त कदम उठाने की तैयारी

केंद्रीय बैंक ने अन्य वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि फजीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कदम उठाया जाए। केंद्रीय सतर्कता आयोग ने नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे हाईप्रोफाइल मामलों का विश्लेषण कर टॉप 100 फर्जीवाड़े की सूची जारी की है। इसमें धोखधाड़ी के तरीके, रकम, कर्ज देने का प्रकार, विसंगतियों, प्रणाली या प्रक्रियागत खामियों का अध्ययन किया गया है।

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा चोट

आरबीआई ने बैंकिंग फर्जीवाड़े का विश्लेषण कर सबसे ज्यादा प्रभावित 13 क्षेत्रों की पहचान की है। इसमें रत्न एवं आभूषण, विनिर्माण एवं उद्योग, कृर्षि, मीडिया, उड्डयन, सेवा और प्रोजेक्ट, फर्जी चेक, कारोबार, आईटी, निर्यात, एफडी, मांग ऋण और लेटर ऑफ कंफर्ट शामिल हैं। सीबीआई ने कई बैंकों के सीएमडी, एमडी और सीईओ के खिलाफ फर्जीवाड़े में शामिल होने का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें