बैंक ऑफ बड़ौदा की नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स यानी की एनपीए छह गुना बढ़कर 73,140 करोड़ रुपये हो गई, जबकि इंडियन बैंक की छह साल में यह चार गुना बढ़कर 32,561.26 करोड़ रुपये हो गई है। यह जानकारी एक आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में पता चली है।
आरटीआई के जवाब में बताया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) का एनपीए साल 2014 के मार्च-अंत में 11,876 करोड़ रुपये से बढ़कर साल 2019 के दिसंबर-अंत में 73,140 करोड़ रुपये हो गया।
इसमें बताया गया है कि 31 मार्च, 2014 तक एनपीए खातों की संख्या 2,08,035 थी, जो दिसंबर 2019 तक बढ़कर 6,17,306 हो गई।
भारतीय बैंक का एनपीए 31 मार्च, 2014 को 8,068.05 करोड़ रुपये था, जो 31 मार्च, 2020 तक बढ़कर 32,561.26 करोड़ रुपये हो गया।
कोटा आधारित एक्टिविस्ट सुजीत स्वामी की तरफ से एनपीए अकाउंट्स और दायर कुल राशि को लेकर, एक आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि मार्च 31, 2014, तक 2,48,921 एनपीए अकाउंट्स थे, जो मार्च 31, 2020 तक बढ़कर 5,64,816 हो गए।