ब्रिक्स देशों में भारत सबसे पीछे
देश एटीएम की संख्या
रूस 164
ब्राजील 107
चीन 81
दक्षिण अफ्रीका 68
भारत 22
(प्रति 1 लाख वयस्क पर एटीएम)
एटीएम से पैसा निकालना होगा महंगा
बैंक के एटीएम से पैसा निकालना महंगा हो सकता है। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने केंद्र सरकार को ऐसा करने का प्रस्ताव दिया है। अगर सरकार ने इस प्रस्ताव को मान लिया तो फिर प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर लोगों को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है।
एनपीसीआई का कहना है कि अगर सरकार ने इंटरचेंज फीस नहीं बढ़ाने की मंजूरी दी, तो फिर देश भर में एक लाख से अधिक एटीएम बंद हो जाएंगे, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
छह साल से नहीं बढ़ी फीस
एटीएम इंटरचेंज फीस पिछले छह साल से नहीं बढ़ी है। यह एटीएम से प्रति ट्रांजेक्शन पर आने वाली लागत से भी कम है। ऐसे में इंटरचेंज फी बढ़ाया जाना चाहिए। वहीं इंटरचेज फी का भुगतान करने वाले बैंक इसमें इजाफा नहीं चाहते हैं। अधिकारी का कहना है कि अगर इंटरचेंज फी नहीं बढ़ाया जाता है तो इसमें नियामक को हस्तक्षेप करना चाहिए।
17 रुपये करने का दिया प्रस्ताव
एनपीसीआई ने इंटरचेंज फीस को 15 रुपये से 17 करने का प्रस्ताव दिया है। इंटरचेंज फीस एनपीसीआई की स्टीयरिंग कमेटी तय करती है। इसमें प्रमुख रूप से बैंक के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। हालांकि इस कमेटी में एक राय नहीं बनी, जिसके बाद एनपीसीआई ने इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है।
एटीएम की घटती संख्या का समाज के बड़े तबके पर असर हो सकता है। खासकर सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़ी जनसंख्या पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। जनधन खातों की शुरुआत के बाद भारत में डेबिट कार्ड की संख्या दोगुनी हो गई। जाहिर है इसमें सबसे ज्यादा निमभन आय के लोग शामिल हुए हैं।
-रुस्तम ईरानी, प्रबंध निदेशक, हिताची पेमेंट सर्विसेज