मोदी सरकार की ओर से की गई नोटबंदी की घोषणा के बाद से देशभर में बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारें लगी हैं। करोड़ों लोग कैश की दिक्कत से जूझ रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पीएम मोदी ने भले ही 50 दिन का वक्त मांगा है लेकिन जनता को राहत देने के लिए कुछ और फैसले जल्द किए जा सकते हैं।
8 नवंबर को नोटबंदी के निर्णय के बाद से एसबीआई और इसके सहयोगी बैंकों की 24 हजार ब्रांचों में मंगलवार तक लोगों ने 92 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जमा किए हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के साथ बातचीत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने बताया कि सभी तरह के लोन जल्द सस्ते किए जाएंगे।
सरकार के नोटबंदी के फैसले की हो रही आलोचना पर एसबीआई की चेयरमैन ने कहा,' इस तरह के काम के लिए गोपनीयता की जरूरत होती है। इसमें थोड़ी बहुत परेशानी भी होती है। हमारे देश में जीडेपी का 10 प्रतिशत से ज्यादा कैश में मोजूद है। इसलिए कई समस्याएं हैं।'