एचडीएफसी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद अब इलाहाबाद बैंक ने भी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में कटौती कर दी है। इससे ग्राहकों को फायदा होगा क्योंकि अब उन्हें सस्ते में लोन मिलेगा।
इलाहाबाद बैंक ने विभिन्न परिपक्वता अवधि के लिए एमसीएलआर में 0.05 फीसदी की कटौती कर दी है। नई दरें 14 फरवरी से लागू हो रही हैं। इस संदर्भ में बैंक ने बीएसई से कहा कि एक साल की परिपक्वता अवधि वाले कर्ज का एमसीएलआर अब 8.30 फीसदी से कम होकर 8.25 फीसदी पर आ गया है। इसी तरह एक दिन, तीन तहीने और छह महीने का एमसीएलआर कम होकर 7.75 फीसदी से 8.10 फीसदी पर आ गया है। वहीं एक महीने की परिपक्वता अवधि वाले कर्ज का एमसीएलआर अपरिवर्तित है।
एचडीएफसी ने एमसीएलआर में 15 बीपीएस तक की कटौती की थी। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, नई दरें सात दिसंबर 2019 से लागू हो गई हैं। कटौती के बाद छह महीने का एमसीएलआर अब आठ फीसदी हो गया है। इसमें 10 बीपीएस की कटौती की गई है। पहले यह दर 8.10 फीसदी थी। एक साल के एमसीएलआर में 15 बीपीएस की कटौती हुई है। नई दर 8.15 फीसदी है। पहले यह 8.30 फीसदी थी। साथ ही दो साल और तीन साल के एमसीएलआर में भी 15 बीपीएस की कटौती की गई है, जिसके बाद यह क्रमश: 8.25 और 8.35 फीसदी हो गई है।
बता दें कि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं करने का एलान किया था। रेपो दर 5.15 फीसदी पर बरकरार है। लेकिन तब भी एसबीआई ने एमसीएलआर में कटौती की है। गुरुवार को केंद्रीय बैंक ने लोन को बढ़ावा देने के लिए एलान किया। आरबीआई ने बैंकों को कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में कटौती करने की छूट दे दी है, जो जुलाई 2020 तक लागू रहेगी। इस बैठक में कहा गया था कि छोटे और मझोले उद्योगों को ज्यादा से ज्यादा कर्ज मुहैया कराया जाए। इसके लिए जरूरत पड़े तो बैंक अपने आरक्षित कोष के अनुपात में कटौती कर सकते हैं।