पब्लिक सेक्टर बैंकों में पकड़े जा रहे घोटालों की फेहरिस्त में एक और घपले का पता चला है। 13 आरोपियों ने बैंक से कार लोन के बहाने मिली रकम से एक फिल्म बना डाली, जिसके रिलीज पर फिलहाल कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। इन आरोपियों में एक राष्ट्रीय स्तर का कबड्डी खिलाड़ी भी शामिल है।
एसबीआई में हुआ घपला
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की चेन्नई स्थित वेलाचेरी ब्रांच में हुए इस घोटाले के सामने आने के बाद बैंक ने मद्रास हाईकोर्ट में अर्जी देकर के फिल्म की रिलीज को स्टे करने की अपील दायर की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
ऐसे हुआ फ्रॉड
एसबीआई के अनुसार, कबड्डी खिलाड़ी राजा सहित 13 लोगों ने एक फिल्म प्रोडक्शन हाउस व्हाइट स्क्रीन प्रोडक्शन बनाया था। फिल्म बनाने के लिए पैसे न होने पर इन लोगों ने एक ऑटो लोन काउंसलर डी चित्रा के सहयोग से कार खरीदने के लिए लोन अप्लाई किया। अलग-अलग कार खरीदने के लिए कुल 32971000 रुपये का लोन लिया गया।
चित्रा ने बैंक को सभी लोन अप्लाई करने वालों के केवाईसी और अन्य डॉक्यूमेंट्स को सबमिट कर दिया। फिर बैंक की ब्रांच के अधिकारियों को भरोसे में लेकर के लोन अप्रूव करा लिया। बैंक अधिकारियों को चित्रा ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स जमा किए।
बैंक के सिस्टम को किया हैक
चित्रा ने फर्जी तरीकों से बैंक के सिस्टम को हैक कर लिया और अधिकारियों के यूजर आईडी और पासवर्ड ले लिया। इसका इस्तेमाल करके उसने लोन का अमाउंट डीलर के अकाउंट में क्रेडिट करने के बजाए सीधे लोन अप्लाई करने वालों के खाते में डाल दिया।
पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पुलिस को आदेश दिया कि वो सभी 13 आरोपियों सहित फिल्म के अभिनेता के खिलाफ केस दर्ज करें, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद बैंक ने कोर्ट में अर्जी देकर के फिल्म का प्रदर्शन ही रुकवा दिया है। इसके साथ ही डीवीडी और सैटेलाइट अधिकार भी बैंक ने अपने पास सुरक्षित रख लिए हैं।