मूडीज देश के 15 बैंकों की रेटिंग करती है। ये 15 बैंक देश की बैंकिंग प्रणाली की कुल संपत्ति में करीब 70 फीसदी योगदान करते हैं। इनमें से 11 बैंकों का रेटिंग परिदृश्य एजेंसी ने सकारात्मक रखा है।
इससे पता चलता है कि सॉवरेन रेटिंग पर वैश्विक रेटिंग ऐजेंसी का परिदृश्य सकारात्मक है और बैकों को जरूरत पड़ने पर सरकार की ओर से अत्यधिक सहयोग मिल सकती है। मूडीज ने सरकारी बैंकों के बारे में कहा कि उनकी पूंजी का स्तर उनकी साख का एक प्रमुख कमजोर पक्ष है और सरकार ने इन बैंकों में जितनी पूंजी के निवेश की घोषणा की है, वह इन बैंकों के पूंजीकरण जरूरत के मुकाबले कम है।
पूंजी की इस कमी से निपटने का हालांकि एक तरीका यह हो सकता है कि अगले तीन साल तक बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋण की विकास दर घटाकर एकल अंकों में रखी जाए। मूडीज ने साथ ही कहा कि फंडिंग और तरलता प्रणाली बैंकिंग सेक्टर का उज्जवल पक्ष है और परिदृश्य अवधि में ऋण के धीमे विकास के मूडीज के अनुमान का इसे संबल मिलता रहेगा।