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Amit Shah: प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर चले तो होंगे सफल, कृषि क्षेत्र के विकास पर बोले अमित शाह

Sat, 16 Jul 2022 04:26 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के कृषि क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा है कि चुनौतियों के बावजूद अगर हम उनके मार्गदर्शन में चले तो सफल होंगे ऐसा मुझे विश्वास है।
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केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि चुनौतियों के बावजूद हम अगर कृषि क्षेत्र के दीर्घकालिक वित्तीय विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार काम करें तो हम सफल हो सकते हैं, ऐसा मेरा विश्वास है। 

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केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह  शनिवार को दिल्ली में आयोजित कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (ARDB) के एक राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।  

केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एआरडी बैंकों से कहा है कि कृषि क्षेत्र में दिए जाने वाले दीर्घकालिक ऋणों को बढ़ाएं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि एआरडी बैंक सिंचाई के लिए और दूसरी आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए भी ऋण उपलब्ध कराएं।
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केंद्रीय मंत्री ने एआरडी बैंको को संबोधित करते हुए कहा है कि सरकार सहकारी समितियों पर एक डेटाबेस तैयार कर रही है ताकि इस क्षेत्र का विस्तार किया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसा करना कृषि विकास को बढ़ावा देने और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र, विशेषकर सिंचाई में सुधार के बिना किसानों की आय नहीं बढ़ाई जा सकती है। 

उन्होंने सहकारी बैंकों से देश में सिंचित भूमि बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर ध्यान देने को भी कहा है। सहकारिता मंत्री ने आगे कहा, 'भारत के पास 49.4 करोड़ एकड़ कृषि योग्य भूमि है यह अमेरिका के बाद सबसे अधिक है। अगर पूरी कृषि योग्य भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिल जाती है तो हम पूरी दुनिया को भोजन उपलब्ध कराने में सक्षम हो सकते हैं। वर्तमान में हमारे देश के कुल कृषि योग्य भूमि का 50 प्रतिशत मानसून पर निर्भर है।' 

सहकारी बैंकों के राष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सहाकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश में कृषि और ग्रामीण विकास बैंक पिछले नौ दशकों के दौरान अलग-अलग नामों से काम कर रहे हैं। उनमें से अधिकांश भूमि गिरवी का काम करते थे और 1924 में सबसे पहले उन्होंने किसानों को दीर्घकालिक ऋण प्रदान किया था। उन्होने कहा कि इन बैंकों को एआरडीबी में बदलने से किसानों की मानसून पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हुई है और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक वित्तपोषण की एक संरचना तैयार हुई है। 

कार्यक्रम में बोलते केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआरडी बैंकों ने अब तक तीन लाख ट्रैक्टर लोन दिए हैं जबकि इसका लक्ष्य आठ लाख ट्रैक्टर लोन देने का होना चाहिए। इसी तरह, सहकारी बैंकों ने अब तक 5.2 लाख किसानों को मध्यम और दीर्घकालिक ऋण मुहैया कराया है, जबकि इसका लक्ष्य अधिक से अधिक किसान परिवारों तक पहुंचने बनाने का होना चाहिए।   

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