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बजट 2018: किसानों पर हो सकता है फोकस, चुनावी वर्ष में मिल सकती है बड़ी सौगात

Wed, 31 Jan 2018 06:55 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार इस साल के चुनावी वर्ष में किसानों पर अपने आखिरी पूर्ण बजट में पूरी तरह से फोकस रख सकती है। बजट पूर्व amarujala.com पर आयोजित विशेष परिचर्चा में यह बात सामने आई कि सरकार एक बैलेंस अप्रोच लेकर के चलेगी।

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इस बार वित्त मंत्री अरुण जेटली अपने बजट पिटारे से किसानों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा कर सकते हैं। इस परिचर्चा में कृषि मामलों के जानकार चौधरी पुष्पेंद्र सिंह से बात की अमर उजाला डिजिटल के संपादक संजय अभिज्ञान और अमर उजाला के सलाहकार संपादक विनोद अग्निहोत्री ने।

रिफॉर्म के बजाए पॉपुलिस्ट पर फोकस
चर्चा की शुरूआत करते हुए विनोद अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार के ऊपर इस वक्त दो तरफ से दबाव है। पहला दबाव किसानों की तरफ से बना हुआ है क्योंकि गुजरात के चुनाव में ऐसा देखने में आया कि किसान भाजपा से काफी नाराज चल रहे हैं।
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वहीं सरकार पर विश्व बैंक, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड का दबाव है कि वो जीएसटी और नोटबंदी जैसे कड़े रिफॉर्म को जारी रखे। ऐसे में रिफॉर्म के बजाए सरकार का फोकस पॉपुलिस्ट बनाने पर जोर रहेगा। 

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4 साल में नहीं बढ़ी किसानों की वास्तविक आय

budget
चौधरी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले चार सालों का अगर हिसाब देखें तो किसानों की वास्तविक आय में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। सरकार द्वारा वायदा किया गया था कृषि उपज का न्यूंतम समर्थन मूल्य 1.5 गुणा (एमएसपी) देने का वादा किया गया था। इसके पूरा न कर पाने की वजह से पिछले चार सालों में  किसानों का 6  लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। 

किसानों के पास होगा पैसा तो इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट
चौधरी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि अगर किसानों के पास खर्च करने के लिए पैसा आएगा तो इकोनॉमी को काफी बूस्ट मिलने की संभावना है। सरकार को एमएसपी बढ़ाने पर भी बजट में फैसला लेना चाहिए ताकि किसानों की इनकम में बढ़ोतरी हो और वो भी अपनी इच्छाओं को पूरा कर लें। 
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