वरिष्ठ नौकरशाह अजय त्यागी को शुक्रवार को सेक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) का चेयरमैन नियुक्त किया गया। उन्होंने यू के सिन्हा का स्थान लिया है, जिनका विस्तारित कार्यकाल 1 मार्च को समाप्त हो रहा है।
त्यागी हिमाचल प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अभी वह वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (निवेश) और पूंजी बाजार का कामकाज देख रहे हैं। प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति अगले पांच साल या 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगी। उत्तर प्रदेश के रहने वाले अजय त्यागी अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं। उन्होंने हावर्ड से लोक प्रशासन में भी स्नातकोत्तर की डिग्री ली है।
सरकार ने दी है बड़ी जिम्मेदारी
त्यागी ने पदभार संभालने के बाद पत्रकारों से कहा कि सरकार ने उनको बड़ी जिम्मेदारी दी है, जिसको वो हर हाल में पूरा करेंगे और सेबी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। अजय त्यागी अभी वित्त मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वह हिमाचल प्रदेश कैडर से आईएएस हैं। वित्त मंत्रालय से पहले वो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बोर्ड में भी रहे हैं।
सिन्हा का रहा है दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल
sebi chairman uk sinha
यूके सिन्हा 1976 बैच के बिहार कैडर से आईएएस अधिकारी है। यह दूसरे ऐसे अधिकारी थे जिनका कार्यकाल सेबी में सबसे लंबा रहा है। उनको 18 फरवरी 2011 को तीन साल के लिए सेबी का अध्यक्ष बनाया गया था।
इसके बाद इनके कार्यकाल को 2 साल के लिए बढ़ाया गया था। इससे पहले डी आर मेहता सबसे लंबे समय तक सेबी के अध्यक्ष रहे थे। उनका कार्यकाल 7 साल का रहा था।
पांच साल के लिए त्यागी रहेंगे सेबी के अध्यक्ष
कैबिनेट की नियुक्ति कमेटी ने त्यागी को पांच साल के लिए नियुक्त किया है। सेबी के नए अध्यक्ष का चयन सितंबर 2015 में शुरू हो गया था, जिसके लिए कई सारे लोगों ने अपने आवेदन सरकार के पास भेजे थे।
त्यागी को मिलेगी 4.5 लाख रुपये सैलरी
प्राइम टाइम
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सेबी अध्यक्ष के रुप में त्यागी को 4.5 लाख रुपये सैलरी प्रतिमाह मिलेगी। सेबी के बोर्ड में चेयरमैन और पूर्णकालिक सदस्यों के अलावा वित्त मंत्रालय, कार्पोरेट अफेयर मंत्रालय और आरबीआई के सदस्य शामिल होते हैं।
सेबी कमोडिटी के अलावा शेयर मार्केट को भी नियंत्रण करता है।